







Thar पोस्ट न्यूज। बगावत से बचने के लिए कांग्रेस ने रणनीति अपना कर टिकट देने की प्रक्रिया अपनाई है। राजस्थान में निकाय चुनाव में प्रचार शुरू होने से पहले के ये तीन दिन सबसे ज्यादा अहम है क्योंकि टिकट बंटवारे की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। 31 अगस्त तक निर्वाचन भरे जा सकेंगे। इसके बाद आधिकारिक रूप से पार्टियां प्रचार में जुट जाएंगी।कांग्रेस जिलों में टिकटों के लिए सिंबल भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। इसे कांग्रेस के बड़े रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि मुख्यालय से सूची जारी करने के बजाय कांग्रेस सीधे जिलों तक सिंबल पहुंचाने का बड़ा कदम उठा रही है। यानी इस बार कांग्रेस की ओर से पहले से ऐसी कोई सूची जारी नहीं होगी, जिसमें यह बताया जाए कि किस वार्ड से किस उम्मीदवार को टिकट दिया गया है। प्रत्याशी को पार्टी के फैसले की जानकारी उसी समय होगी, जब जिला स्तर से उसे सिंबल सौंपा। कांग्रेस मुख्यालय से जिलों को सिंबल भेजे जा रहे है। इसके बाद जिला स्तर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष और विधानसभा ऑब्जर्वर को सिंबल संबंधित प्रत्याशियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों संभावित उम्मीदवारों के सीधे संपर्क में रहेंगे। पार्टी के फैसले के बाद प्रत्याशी को जिला स्तर पर इसकी जानकारी दी जाएगी और उसे पार्टी सिंबल उपलब्ध कराया जाएगा।

