






Thar पोस्ट न्यूज। सीएमएचओ ने क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत चार लैब एवं डायग्नोस्टिक सेंटरों का किया औचक निरीक्षण

बीकानेर। क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्धारित मानकों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध के नेतृत्व में गठित दल ने मंगलवार को बीकानेर शहर के चार निजी लैब एवं डायग्नोस्टिक सेंटरों का औचक निरीक्षण कर जांच की।
निरीक्षण दल में खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीकानेर डॉ. सुनील कुमार जैन, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी पूगल डॉ. मुकेश मीणा तथा जिला पीसीपीएनडीटी समन्वयक महेंद्र सिंह चारण शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान पटेल नगर स्थित ग्लोबल लैब एंड डायग्नोस्टिक सेंटर क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत अपंजीकृत पाया गया। लैब संचालक वैध पंजीकरण प्रस्तुत नहीं कर सका, जिस पर टीम ने तत्काल प्रभाव से लैब का संचालन बंद करवा दिया।
इसी प्रकार आरडी लैब एंड डायग्नोस्टिक सेंटर पर निरीक्षण के दौरान डिग्रीधारी एवं प्रशिक्षित तकनीकी कार्मिक उपलब्ध नहीं मिले। साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों का भी उल्लंघन पाया गया। विनायक लैब एंड डायग्नोस्टिक सेंटर में एईआरबी (एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड) का आवश्यक लाइसेंस उपलब्ध नहीं मिला तथा एक्स-रे सेवाओं के संचालन में निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल की पालना भी संतोषजनक नहीं पाई गई। वहीं उज्जीवन लैब एंड डायग्नोस्टिक सेंटर में निरीक्षण के दौरान आवश्यक पंजीकरण, लाइसेंस एवं निर्धारित प्रबंधन मानकों की पालना संतोषजनक पाई गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाए गए सभी प्रकरण जिला स्तरीय क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे, जहां नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले के सभी निजी लैब एवं डायग्नोस्टिक सेंटरों के लिए क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण तथा निर्धारित गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप सेवाएं संचालित करना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलेभर में इस प्रकार के औचक निरीक्षण एवं प्रवर्तन की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों से अपील की गई है कि वे अपने समस्त लाइसेंस, पंजीकरण एवं वैधानिक मानकों की नियमित पालना सुनिश्चित करें।
