






Thar पोस्ट न्यूज। यूरोप के स्पेन देश में मोरक्को से अवैध रुप से घुसे ज्यादातर प्रवासी लौट चुके हैं. इस बीच स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने प्रवासी संकट पर यूरोपीय सदस्यों के रवैये की आलोचना कर दी. अब 22 देशों के नेताओं ने स्पेन को पत्र लिखकर आपातकालीन बातचीत की मांग की है. इटली और डेनमार्क की पहल पर लिखे गए इस पत्र में सदस्य देशों ने गृह मंत्रियों की एक विशेष वीडियो कॉन्फ्रेंस बुलाने की मांग की और इसे अत्यंत जरूरी मामला बताया. स्पेन का कहना है कि मोरक्को से सेउटा में दाखिल हुए लगभग 60,000 प्रवासियों में से लगभग सभी को वापस भेज दिया गया है, लेकिन EU नेताओं ने कहा कि उन्हें इस स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं हैं.

यूरो न्यूज के अनुसार, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो और लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री ल्यूक फ्रिडेन ने उस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए, जो यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन को संबोधित था. आयरलैंड ने जुलाई में यूरोपीय संघ की परिषद की अध्यक्षता संभाली थी.
