IMG 20260614 225835 पूर्व राजा की दो पत्नियां, अघोषित पत्नी है गोली कांड की आरोपी, पहली पत्नी घायल Rajasthan News Portal देश
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Thar पोस्ट। मध्यप्रदेश/राजस्थान। एक पूर्व राजा और उसकी दो पत्नियां। संपति विवाद में लगी एक को गोली। दरअसल, नागौद राजघराने में गोलीबारी की घटना के बाद पूरे मध्य प्रदेश और राजस्थान तक इसकी चर्चा है। इस पूरे गोलीकांड की खबर तेजी से वायरल हो रही है।

नागौद विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा की पहली पत्नी योगिता सिंह को उनकी ही दूसरी पत्नी सुनीता सिंह ने गोली मारी है। सुनीता पुलिस की गिरफ्त में हैं. रूपेंद्र सिंह मध्य प्रदेश के नागौद राजघराने में गिने जाते हैं जबकि योगिता उदयपुर राजपरिवार की बेटी हैं. इस हाई-प्रोफाइल घराने में गोलीकांड की वजह संपत्ति विवाद सामने आ रहा है. आरोप है कि सुनीता ने गोली रूपेंद्र सिंह के उकसावे पर ही मारी है.

आरोपी सुनीता सिंह मूल रूप से सतना जिले के उमरी गांव की रहने वाली हैं. पिता आर्मी से सेवानिवृत्त थे, जिनका निधन हो चुका है. सुनीता की दो बहनें और एक भाई है. बहन की बांदा में शादी हुई है. भाई झोलाछाप डॉक्टर है। परसमनिया में सुनीता एनजीओ का काम करती थीं. कहा जाता है कि इसी दौरान वह रुपेंद्र सिंह बाबा राजा के संपर्क में आईं. इसके बाद वह पेप्टेक में रहने लगीं.

सतना के भरहुत नगर में रेस्तरां का कारोबार किया. बताया जाता है कि रुपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा के पिता के देहांत बाद सुनीता सिंह परसमनिया गढ़ी में रूपेंद्र के साथ रहने लगीं, वहीं से सुनीता और योगिता (पहली पत्नी) के बीच विवाद शुरू हो गया. इसके चलते योगिता सिंह नागौद स्थित गढ़ी में शिफ्ट हो गईं. यह मामला भी थाने पहुंचा था. हालांकि, तब मामला राजपरिवार के रसूख के चलते दब गया और सुनीता सिंह बाबा राजा के साथ अघोषित पत्नी के रूप में रहने लगीं।

सुनीता सिंह गोलीकांड की आरोपी है, जो परसमनिया थाने के लॉकअप में बंद होने के बजाय कुर्सी पर बैठी हुई हैं. इसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. लॉकअप में बंद करने के बजाय इन्हें कोल्डड्रिंग पिलाई गई है. 

बाबा राजा के उकसावे पर सुनीता सिंह ने जिस योगिता सिंह को गोली मारी, वह बाबा राजा की विवाहित पत्नी हैं. साल 2000 में राजस्थान के उदयपुर राजपरिवार ने अपनी बेटी योगिता सिंह का विवाह रुपेंद्र सिंह बाबा राजा के साथ किया था। योगिता सिंह एक पंचवर्षीय कार्यकाल तक परसमनिया पंचायत की सरपंच रहीं. उनका एक बेटा प्रथूदेव सिंह है, जिसकी प्रारंभिक शिक्षा नागौद में हुई. इसके बाद आगे की पढ़ाई देहरादून से हुई. वहीं, अब वह भोपाल में रहकर सीए की प्रैक्टिस कर रहा है. तीन साल पहले योगिता के पिता का निधन हुआ था, जिसके बाद योगिता सिंह अपने मायके उदयपुर चली गई थीं. वह अभी दो दिन पहले ही लौटी हैं, जिसके बाद विवाद हो गया।


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