





Thar पोस्ट न्यूज। आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया जिसमें कहा गया है कि अरावली पर्वत श्रृंखला पृथ्वी की सब से पुरानी पर्वतमाला में से एक है और अब तक की सभी सरकारों के कार्यकाल में इस को सहेजने के प्रति एक उदासीनता देखी गई है। सभी राजनैतिक पार्टियों के कार्यकाल में इस पर्वतमाला में वैध अवैध खनन होता आया है और इस पर्वतमाला का हृदय छलनी कर दिया गया है।





अरावली पर्वत को 2010 में भी कांग्रेस की सरकार ने माइनिंग माफिया और भू माफिया को देने का प्रयास किया था लेकिन उस समय कांग्रेस की अरावली पहाड़ बेचने की योजना सफल नहीं हुई लेकिन अब बीजेपी की सरकार ने पहाड़ बेचने की कांग्रेस की योजना को क्रियान्वित कर दिया है।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय दिया है कि 100 मीटर से ऊपर वाले पहाड़ को ही सिर्फ अरावली पर्वत श्रृंखला का हिस्सा माना जाएगा और इसका मतलब की 100 मीटर से नीचे वाले जितने भी पहाड़ और जंगल हैं वहां पर माइनिंग से लेकर अन्य व्यवसायिक गतिविधियां और जमीन बेचना वहां पर मकान और बिल्डिंग बनाना सब कानूनी रूप से वैध हो जाएगा, 100 मीटर से ऊपर वाली अरावली पहाड़ी मात्र 8% है और 92% अरावली पर्वत 100 मीटर से नीचे ही हैं।
इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सतनारायण देवड़ा, सरवन ढोंगीवाल, संजय पाल मुराद अली सेल्वीर अली इमरान नागोरी मोहन राठौड़ आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।