Thar पोस्ट न्यूज। यातायात व्यवस्था के लिए कैंसर बन चुके रेल फाटकों की समस्या का समाधान करने के लिए सांखला फाटक और कोटगेट पर अंडरपास बनाया जाना है लेकिन इनके निर्माण करने के लिए डेढ़ महीने में एक भी फर्म आगे नहीं आई है। पीडब्ल्यूडी ने मंगलवार को तीसरी बार टेंडर लगाए है। सांखला फाटक और कोटगेट पर दो अंडरपास प्रस्तावित हैं। सांखला फाटक अंडरपास के निर्माण पर 25 करोड़ और कोटगेट अंडरपास पर 10 करोड़ रुपए का बजट राज्य सरकार ने जारी किया था। पीडब्ल्यूडी को निर्माण एजेंसी बनाया गया। पीडब्ल्यूडी ने दोनों अंडरपास निर्माण के लिए 35 करोड़ के टेंडर भी लगा दिए। एक-एक सप्ताह के गैप से दो टेंडर अब तक लगाए जा चुके हैं, लेकिन किसी भी ठेकेदार फर्म ने बिड भरने में रुचि नहीं दिखाई। दूसरा टेंडर मंगलवार को खोला गया तो एक भी आवेदन अपलोड नहीं था।

सूत्रों के अनुसार तीसरी बार फिर से टेंडर लगाया गया है। दोनों अंडरपास के निर्माण को लेकर बड़ा झंझट है। दोनों ही भारी भीड़ वाले बाजार में बनाए जाने हैं। ट्रैफिक लोड इतना अधिक है कि वहां दिन में काम करना मुश्किल है। निर्माण सामग्री लाने वाले बड़े वाहनों का प्रवेश नहीं हो सकेगा। इसलिए निर्माण कार्य रात में ही चलाना होगा। इस वजह से काम की गति भी काफी धीमी रहेगी। टेंडर नहीं होने का एक कारण भूमि अवाप्ति की कार्यवाही नहीं होना भी माना जा रहा है। सरकार ने पांच अगस्त को अधिसूचना जारी की थी। उसके बाद बीकानेर विकास प्राधिकरण ने भूमि अवाप्ति के लिए नोटिस जारी कर दिए। करीब 36 प्रतिष्ठान चिन्हित किए गए हैं।