Thar पोस्ट। भारत का प्रथम नागरिक यानी भारत के राष्ट्रपति का काफी ऊंचा ओहदा होता है। प्रधानमंत्री भी देश के सबसे ऊंचे पदों में से एक व पावरफुल है। देश की जनता सांसद को चुनकर संसद भेजती है और सांसद मिलकर देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम तय करते हैं। लेकिन राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सांसदों को कितनी सैलरी मिलती है? इसे जानने की उत्सुकता रहती है।

राष्ट्रपति की सैलरी :

राष्ट्रपति तीनों सेनाओं के कमांडर इन चीफ होते हैं, भारत में राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल के सदस्य करते हैं, इसमें संसद के दोंनों सदन, प्रदेशों के सदस्य शामिल होते हैं। भारत का राष्ट्रपति भवन दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रपति भवन है। अगर राष्ट्रपति की सैलरी की बात करें तो राष्ट्रपति को 5 लाख रुपये मिलते हैं, राष्ट्रपति को किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है, साथ ही इन्हें कई तरह के भत्ते भी मिलते हैं। देश के राष्ट्रपति को पूरे जीवन फ्री इलाज और आवास की सुविधा मिलती है। इसके अलावा, राष्ट्रपति को रिटायरमेंट के बाद पेंशन के रूप में 1.5 लाख हर माह मिलता है। साथ ही स्टाफ के लिए अलग से 60 हजार रुपये मिलता है।

भारत के उपराष्ट्रपति की सैलरी संसद अधिकारी की सैलरी और भत्ते अधिनियम 1953 के तहत तय होती है। इस बात को जानकर हैरानी होगी कि उपराष्ट्रपति को सैलरी मिलने का कोई प्रावधान नहीं है, इन्हें राज्यसभा का सभापति होने के कारण सैलरी व सुविधाएं मिलती हैं। उपराष्ट्रपति को हर महीने 4 लाख रुपये सैलरी के रूप में मिलते हैं। इसके अलावा, रहने के लिए बंगला, फ्री में इलाज, ट्रेन और हवाई सफर की सुविधा भी मिलती है। वहीं, रिटायरमेंट के बाद उपराष्ट्रपति को भी पेंशन के रूप में 1.5 लाख रुपये हर माह दिए जाते हैं।

प्रधानमंत्री की सैलरी

भारत के प्रधानमंत्री के पास राष्ट्रपति से ज्यादा पावर होती है। प्रधानमंत्री सदन का नेता होता है। प्रधानमंत्री को हर महीने 1 लाख.66 हजार से ज्यादा सैलरी मिलती है। सैलरी में 50 हजार रुपये बेसिक पे होता है। इसके अतिरिक्त पीएम को 3000 रुपये व्यय भत्ता, 45,000 सांसद भत्ता मिलता है। साथ ही  2000 के हिसाब से रोजाना भत्ता भी मिलता है, जो हर माह 61000 होता है। वहीं, रिटायमेंट के बाद, प्रधानमंत्री को रहने के लिए आवास, 5 साल के मुफ्त ट्रेन सेवा, एसपीजी सुरक्षा, ऑफिस खर्च के लिए 6000 रुपये और निजी सचिव दिए जाते हैं। साथ ही फ्री मेडिकल इलाज भी मिलता है।

सांसद की सैलरी

सांसद को जनता चुनकर लोकसभा भेजती है। ऐसे में सांसद को अधिनियम 1954 के तहत हर महीने एक लाख रुपये सैलरी मिलती है, वहीं, सांसदों की सैलरी दैनिक भत्ते के रूप में हर 5 साल के बाद बढ़ोती की जाएगी। साथ ही सांसद को 16 रुपये प्रतिकिलोमीटर के हिसाब से अलग भत्ता मिलता है। साथ ही निर्वाचन क्षेत्र भत्ते के रूप में हर माह 70 हजार रुपये मिलते हैं वहीं ऑफिस खर्च के लिए हर माह 60 हजार रुपये मिलते हैं। साथ ही सांसद को फ्री ट्रेन सेवा भी मिलती है। साथ ही मेडिकल सुविधाएं भी मिलती हैं।