Thar पोस्ट, न्यूज। रफीक अकादमी,बीकानेर के तत्वावधान में बीकानेर के वरिष्ठ शाइर जाकिर अदीब के गजल संग्रह “एहसास का दरिया” का लोकार्पण रविवार को महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम, नागरी भंडार में हुआ।
राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के आंशिक सहयोग से प्रकाशित कृति के लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार मालचंद तिवाड़ी ने कहा कि जाकिर अदीब शायरी की मुश्किल राह को चुनते हैं। इसके बावजूद वे कामयाबी के साथ शेर कहते हैं।वे जानते हैं कि सृजन कैसे करते हैं और उसकी मर्यादाएं क्या हैं।
मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कोलकाता से आए साहित्यकार अरुण माहेश्वरी ने कहा कि जाकिर अदीब की शायरी वास्तविकता के करीब हैं।वे यथार्थवादी रचनाकार हैं।
लोकार्पित कृति पर पत्र वाचन करते हुए डूंगर कॉलेज में उर्दू की एसोसिएट प्रोफेसर डा असमा मसूऊद ने कहा कि जाकिर अदीब ने अपनी शायरी में विभिन्न विषयों को छुआ गया है। वे महात्मा गांधी, राजस्थान, वसंत, ईद, होली दीवाली सहित हर विषय पर गजलें कहते हैं।वे भारत के तीज त्योहारों को अपनी रचनाओं में जगह देते हैं। पाठकीय टीप करते हुए डॉ ज़िया उल हसन कादरी ने कहा कि जाकिर अदीब की शायरी में उनका लंबा अनुभव बोलता है।वे चीजों को बारीकी से देखते हैं और उनको शब्दों में ढालते हैं। इस अवसर पर जाकिर अदीब ने लोकार्पित कृति में से चुनिंदा कलाम सुनाकर सुना कर वाह वाही हासिल की जिनकी तुझ से उड़ान है हिंदी उनका हर आसमान है हिंदी
शान जिसकी बढ़ाई खुसरो ने हां वही तो जबान है हिंदी पूछे कोई कि कैसा है अपना राजस्थान अच्छों से भी अच्छा है अपना राजस्थान कार्यक्रम में दीपचंद सांखला,इंजीनियर निर्मल कुमार शर्मा, राजेंद्र जोशी, कमल रंगा, असद अली असद, बुनियाद हुसैन जहीन, प्रमोद शर्मा, आत्माराम भाटी, क़ासिम बीकानेरी।