Thar पोस्ट, न्यूज। राजस्थान के चूरू जिले की सरदारशहर सीट पर सभी की टकटकी है। यहां विधानसभा उपचुनाव का परिणाम शुक्रवार शाम तक आएगा। सुबह आठ बजे से राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में वोटों की गिनती शुरू होगी। सरदारशहर विधानसभा सीट विधायक पं. भंवरलाल शर्मा के निधन के बाद खाली हुई थी। 5 दिसंबर को हुए उपचुनाव में 295 मतदान केंद्रों पर 72.09 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस सीट पर कांग्रेस के अनिल शर्मा, भाजपा के अशोक पींचा और आरएलपी के लालचंद मूड के बीच त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है। हालांकि, उपचुनाव के मैदान में 12 उम्मीदवार हैं, जिनकी किस्मत पर फैसला होगा।
- सरदारशहर सीट कांग्रेस नेता पंडित भंवरलाल शर्मा के निधन से खाली हुई है। शर्मा छह बार विधायक रह चुके हैं। 9 अक्टूबर को उनका निधन हो गया था। लोगों की सहानुभूति को देखते हुए कांग्रेस ने शर्मा के बेटे अनिल शर्मा को टिकट दिया था। वे राजस्थान आर्थिक पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन हैं और उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा भी मिला हुआ है।
- भाजपा ने अशोक कुमार पिंचा को चुनाव मैदान में उतारा है। पिंचा ने 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेता पंडित भंवरलाल शर्मा को भारी मतों से हराया था। उस दौरान उन्हें 73902 वोट मिले थे, ये जीत भाजपा के लिए बड़ी मानी जा रही थी, क्योंकि भाजपा यहां अपनी जगह नहीं बना पा रही थी। ऐसे में जाट समाज से कई दावेदार होने के बाद भी भाजपा ने पूर्व विधायक अशोक कुमार पिंचा पर ही भरोसा जताया था।
- सरदारशहर सीट पर जाट समाज का दबदबा होने के बाद भी भाजपा और कांग्रेस ने इस समुदाय के किसी दावेदार को चुनाव मैदान में नहीं उतारा था। इससे समाज के लोगों में नाराजगी बताई जा रही थी। इसी नाराजगी को भुनाने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी यानी आरएलपी ने लालचंद मूंड को प्रत्याशी बनाया था। अब देखा यह है कि किसकी रणनीति काम आती और सरदारशहर का सरदार कौन बनता है।
- चुनावी मैदान में एक दर्जन
- सरदारशहर विधानसभा उपचुनाव के लिए 12 प्रत्याशी मैदान में हैं। कांग्रेस, भाजपा और आरएलपी के प्रत्याशी के अलावा सीपीआई (एम) से सांवरमल मेघवाल, इंडियन पीपुल्स ग्रीन पार्टी से परमाराम नायक उम्मीदवार हैं। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर उमेश साहू, राजेंद्र भांबू, प्रेम सिंह, सुभाष चंद्र, सांवरमल प्रजापत, विजयपाल श्योराण, सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।