Thar पोस्ट, न्यूज जयपुर। सीएम गहलोत दिल्ली जा रहे हैं। इस बारे में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत देर शाम दिल्ली रवाना होंगे।
इन दावों के बीच स्पीकर सीपी जोशी, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ मंत्री शांति धारीवाल और राजेंद्र यादव के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की करीब 2 घंटे तक वार्ता चली।
गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष के साथ राजस्थान में मुख्यमंत्री की कुर्सी भी अपने पास रखना चाहते थे। लेकिन राहुल गांधी ने साफ कर दिया था कि उदयपुर में लिए गए संकल्प पर कायम रहना होगा। इसके बाद गहलोत ने भी माना कि दोनों पद पर रहकर राष्ट्रीय अध्यक्ष की भूमिका से न्याय नहीं हो सकता है। गहलोत चाहते थे कि वह सीएम बनने के बाद इस्तीफा देंगे। लेकिन रविवार रात जिस तरह उनके समर्थक विधायकों ने विधायक दल की बैठक का बायकॉट किया और आलाकमान ने इस पर सख्ती दिखाई उसके बाद परिस्थितियां तेजी से बदली हैं।
पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने गहलोत को क्लीनचिट दे दी है। इसके बाद से ही उनके दोबारा कांग्रेस अध्यक्ष की रेस शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही थी। पिछले 1-2 दिनों में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ समेत कुछ और वरिष्ठ नेताओं ने गहलोत से बात की है। पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गहलोत से बात करने की जिम्मेदारी इन नेताओं को दी थी। गहलोत को मुख्यमंत्री का पद छोड़ने से ज्यादा दिक्कत उनके उत्तराधिकारी के रूप में सचिन पायलट को लाए जाने से है। 2020 में गहलोत के खिलाफ बगावत करने वाले पायलट को उनके कैंप के मंत्री गद्दार कहते हुए साफ कर चुके हैं कि पायलट उन्हें मंजूर नहीं हैं। गहलोत पायलट की जगह सीपी जोशी या अन्य किसी नेता को सीएम बनाना चाहते हैं।