Thar पोस्ट, न्यूज। जोधपुर व अन्य जिलों में पानी की किल्लत से हाहाकार मचा हुआ है। नहर बन्दी समाप्ति के बाद जोधपुर व बाड़मेर पानी छोड़ा गया है। बीकानेर की जनता अब नियमित पानी देरी से मिलेगा। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पानी सभी जिलों में भेजा जाएगा। लेकिन जहाँ स्थिति अधिक खराब है वहाँ पहले भेज रहे है। जबकि कुछ जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले जोधपुर तक पानी पहुंचाने के दबाव में बीकानेर को किनारे कर दिया गया है। पानी गजनेर लिफ्ट में ना डालकर उसे जाेधपुर की तरफ बढ़ा दिया गया है। बीकानेर में बिरधवाल से 36 घंटे में बीछवाल जलाशय पहुंचने वाला पानी पहली बार 72 घंटे बाद पहुंचेगा। बीकानेर के जलाशय में एक दिन का ही पानी बचा है। यदि रविवार काे पानी नहीं पहुंचा ताे जलाशय से जुड़ी शहर की साढ़े चार लाख आबादी काे भारी पेयजल संकट का सामना करना पड सकता है। शोभासर जलाशय में आर डी 750 से निकलने वाली गजनेर लिफ्ट से पानी आता है। आरडी 750 पर पानी तो पहुंच गया लेकिन नहर अभियंताओं ने उसे गजनेर लिफ्ट में न देकर जोधपुर की ओर बढ़ा दिया। यह बताया जा रहा है कि नहर अभियंताओं पर जोधपुर पानी पहले पहुंचाने का दबाव है। बिरधवाल से 26 मई काे बीछवाल जलाशय के लिए पानी छाेड़ा गया था। 36 घंटे बाद बीकानेर शनिवार की शाम पहुंच जाना चाहिए था, लेकिन अब यह पानी 72 घंटे बाद अब रविवार की रात या सोमवार की सुबह पहुंचेगा। क्योंकि कंवर सेन लिफ्ट में शुरुआती दो दिनों तक 500 क्यूसेक पानी देने का वादा किया गया था, जबकि शनिवार को सिर्फ 150 क्यूसेक ही दिया गया।