Thar पोस्ट न्यूज। राजकीय डूंगर महाविद्यालय इन दिनों अनेक नवाचारों का केंद्र बना हुआ है। डूंगर महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के द्वारा राजनीति विज्ञान परिषद का सृजन किया गया है जिसकी प्रथम कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण कार्यक्रम समारोह पूर्वक आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि सहायक निदेशक डॉ राकेश हर्ष ने कार्यकारिणी को पद और कर्तव्य निष्ठा की शपथ दिलाई। डूंगर महाविद्यालय राजनीति विज्ञान परिषद के अध्यक्ष डॉ नरेंद्र नाथ, सचिव डॉ बबीता जैन, कोषाध्यक्ष डॉ मैना निर्माण, छात्र सचिव खुशबू बानो, सह सचिव प्रणव खंडेलवाल, कोष सचिव चंद्रशेखर तथा डॉ सुनीता गोयल, संदीप कुमार, डॉक्टर नरेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार गोदारा, सलोनी गहलोत, मधु, मदन पूनिया, कैलाश, विशाल सारण, अनीशा ने कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की। आयोजन सचिव डॉ सुनीता गोयल ने अतिथियों का स्वागत किया और विभाग प्रभारी डॉक्टर नरेंद्र नाथ ने परिषद के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं राजनीति विज्ञान परिषद के मानद सदस्य डॉ प्रभा भार्गव पूर्व विभागाध्यक्ष, डॉ बेला भनोत पूर्व प्राचार्य डूंगर महाविद्यालय, डॉ सरोजिनी शर्मा पूर्व प्राचार्य महारानी सुदर्शन महाविद्यालय ने अपने संबोधन में परिषद के उज्जवल भविष्य शुभकामनाएं दी। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उप प्राचार्य डॉक्टर इंदरसिंह राजपुरोहित ने कहा कि परिषद विद्यार्थियों के उन्नयन के लिए महती भूमिका अदा करेगी। खुशबू बानो ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर बबीता जैन ने किया। ‘
इसी क्रम में रूस यूक्रेन युद्ध और समसामयिक विश्व राजनीति पर इसका प्रभाव’ विषय पर तकनीकी सत्र आयोजित किया गया जिसमें 10 विद्यार्थियों ने शोध पत्रों का वाचन किया। इस विषय पर समस्त संकाय सदस्यों ने भी अपने विचार साझा किए।
महाविद्यालय में विश्व योग दिवस के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले त्रैमासिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर हार्टफूलनेस संस्था के श्री ओम प्रकाश जी गोंबर ने मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने वाले तीन दिवसीय ध्यान और योग शिविर शुभारंभ किया। त्रैमासिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का उद्घाटन करते हुए प्राचार्य इंदर सिंह राजपुरोहित मानसिक, शारीरिक और भावात्मक स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए योग और ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला। जैनोलॉजी विभाग प्रभारी डॉ बबीता जैन ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

ग्रीष्मावकाश सम्बन्धी आदेश शीघ्र प्रसारित करने की मांग
Thar पोस्ट। रुक्टा ( राष्ट्रीय) ने राज्य के महाविद्यालयों में 1 मई से ग्रीष्मावकाश सम्बन्धी आदेश शीघ्र प्रसारित करने की मांग की है । संगठन के महामंत्री डॉ.सुशील कुमार बिस्सु ने उच्च शिक्षा मंत्री, राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि राजस्थान सेवा नियमो के अनुसार महाविद्यालयों में प्रतिवर्ष 2 माह (61 दिवस ) का ग्रीष्मावकाश रहता है जिसकी अवधि सामान्यतः 1 मई से 30 जून रहती है। इस हेतु हर वर्ष सत्र के प्रारंभ में ही आयुक्तालय अकादमिक कैलेंडर प्रकाशित करता है, जिसमें वर्षपर्यन्त की अकादमिक, सह- शैक्षणिक आदि गतिविधियों के साथ-साथ सत्र का अंतिम कार्य दिवस एवं ग्रीष्मावकाश की अवधि का उल्लेख कर दिया जाता है। ध्यातव्य है कि प्रतिवर्ष 30 अप्रेल को सत्र का अन्तिम कार्य दिवस होता है। तदनुसार सत्र 2021- 22 लगभग समाप्ति की ओर है, किंतु अभी तक आयुक्तालय द्वारा सत्र के अंतिम कार्य दिवस एवं ग्रीष्मावकाश की घोषणा नहीं की गई है I इससे सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति है। 1 जुलाई, 2021 से उच्च शिक्षा में कार्यरत शिक्षक लगातार उपस्थित होकर अपने शैक्षणिक कार्य एवं अन्य दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं तथा महाविद्यालयों/ विश्वविद्यालयों में सत्र 2021- 22 का शिक्षण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है ।विश्वविद्यालय परीक्षा आयोजन में इस वर्ष देरी होने के संकेत हैं। कोरोना समय को छोड़ दिया जाए तो वैसे भी ग्रीष्मावकाश में प्रतिवर्ष बहुत सी परीक्षाएं आयोजित होती हैं एवं प्रवेश कार्य भी संपन्न किए जाते हैं जिसके लिए रोके गए शिक्षकों को राजस्थान सेवा नियमों के अनुसार उपार्जित अवकाश देय होता है।
संगठन अध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि ग्रीष्मावकाश के दौरान विश्वविद्यालय परीक्षा आयोजित होती हैं तो प्राचार्य राजस्थान सेवा नियमों के अनुरूप आवश्यकतानुसार शिक्षकों को परीक्षा कार्य में नियोजित कर सकते हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि पिछले वर्षों में खोले गए नवीन महाविद्यालयों में परीक्षा केंद्र नहीं हैं, इनमें बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षकों को परीक्षा कार्य हेतु रोकने का कोई औचित्य नहीं है। उपर्युक्त तथ्यों के मद्देनजर राज्य सरकार से संगठन का आग्रह है कि राज्य के महाविद्यालयों में सत्र 2021-22 के अन्तिम कार्यदिवस तथा प्रतिवर्ष की भांति 1मई 2022 से 30 जून 2022 तक ग्रीष्मावकाश सम्बन्धी आदेश शीघ्र प्रसारित किये जाये।