Thar पोस्ट, न्यूज। तेज़ गर्मी का अहसास अब आसमान से गिरते अंगारों की तरह होने लगा है। मार्च 2022 में देश का अधिकतम औसत तापमान 33.10 डिग्री सेल्सियस रजिस्टर किया गया है। जबकि अप्रैल के शुरू में ही गर्मी ने लोगों को घरों में दुबकने के लिए मजबूर कर दिया है। इसके पहले मार्च 2010 में अधिकतम औसत तापमान 33.09 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान से आने वाली गर्म हवाओं के कारण गर्मी का असर बढ़ेगा।मौसम से जुड़ी संस्था स्काईमेट के वाइस प्रेसिडेंट महेश पलावत कहते हैं, पिछले 10 सालों में न्यूनतम तापमान का औसत वो भी दिल्ली में सबसे ज्यादा 17.6 रहा है, ये भी एक्सट्रीम वेदर कंडीशन दिखाता है।’ वेस्टर्न डिस्टरबैंस (पश्चिमी विक्षोभ- पश्चिम से आने वाली हवाएं) की वजह से मार्च के मौसम में थोड़ी नमी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार पाकिस्तान की तरफ से आने वाली हवाएं एकदम शुष्क (सूखी) रहीं। इस वजह से राजस्थान, गुजरात, हरियाणा में तापमान खासा बढ़ा है। इस गर्मी के पीछे अल-निनो या ला-निनो का कोई खास असर नहीं है। मौसम विभाग IMD के सीनियर साइंटिस्ट आरके जेनामन कहते हैं कि ‘पाकिस्तान की तरफ से आने वाली हवाएं राजस्थान के रेगिस्तान से होकर गुजरीं तो वो पूरी तरह से शुष्क हो गईं और ये सूखी हवाएं जब आगे बढ़ीं तो उसकी वजह से तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला गया। इस तरह की घटना कई सालों में देखने को मिलती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली जैसे राज्यों में हीट वेव का सबसे ज्यादा असर रहा है। इन राज्यों में मार्च महीने में सामान्य से काफी ज्यादा तापमान दर्ज किया गया है।