







Thar पोस्ट न्यूज। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक आज सोमवार को मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज होने जा रहे हैं। पेपर लीक के मुद्दे पर सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक अनशन किया था। सरकार ने सोनम वांगचुक की सभी मांगें मान ली थी जिसके बाद सोनम वांगचुक ने 24 जुलाई को देर रात अपना अनशन खत्म कर दिया था। सोनम वांगचुक ने अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के हाथों अपना अनशन खुलवाया था। उधर, पेपर लीक रोकने के लिए मोदी सरकार आज संसद में पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल पेश करने जा रही है।

लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस बिल को पेश करेंगे। पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल के जरिए मोदी सरकार ने पेपर लीक माफियाओं पर नकेल कसने की कोशिश की है। नए बिल का कानून बनने के बाद पेपर लीक करने पर 10 साल की जेल, 10 करोड़ जुर्माना लगेगा। साथ ही अगर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी दोषी हुई तो 8 साल के लिए ब्लैकलिस्ट हो जाएगी। वहीं, कंपनी के डायरेक्टर, मैनेजर दोषी हुए तो 10 साल जेल, 10 करोड़ जुर्माना लगेगा। इसके साथ ही कोचिंग संस्थान पेपरलीक में शामिल हुए तो संपत्ति जब्त होगी। पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल का मकसद परीक्षाओं की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को मजबूत करना है।
