FB IMG 1783310392459 365 महिलाओं ने खेजड़ली उच्छब शोभायात्रा निकाली Rajasthan News Portal देश
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Thar पोस्ट न्यूज। धोरों की धरती में 5 जुलाई 2026 का दिन। खेजड़ली उच्छब के नाम रहा। इतिहास बन गया जब 11,000 राज्यवृक्ष-खेजड़ी के पौध का रोपण किया गया।सुजानदेसर गोचर में ‘बीकानेर वैचारिक जागरण मंच’ के पदाधिकारी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे थे। बार एसोसिएशन के अजय पुरोहित, योगगुरु विनोद जोशी, वरिष्ठ पत्रकार हेम शर्मा, मोखराम धारणिया, प्रशांत तंवर समेत दर्जनों लोग तैयारियों में जुटे थे। सुबह 6 बजने के साथ ही लोगों का जमावड़ा शुरू हुआ।

रविवार होने के चलते बच्चे, बूढ़े, महिला, पुरुष सब इस कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। एक विशाल जन मेदिनी के रूप में। जत्थे-दर-जत्थे। उन्हीं गुज़रते जत्थों में एक लड़के ने दूजे से मसखरी करते हुए पूछा- “कियां महाराज ! आज तौ दीतवार है, नींद कियां खुल ग्यी?” दूजे नै जवाब दिया- “नींद तो भेर लेय लैयसां, ओ पुण्य रौ काम है, लारै कियां रेवां?”

खेजड़ली उच्छब में न कोई माला रखी गई थी और न कोई मेहमान। कहीं पर भी, किसी तरह की, कोई औपचारिकता नहीं। कोई आम नहीं..कोई ख़ास नहीं। सब एक समान। आयोजकों का कहना था कि “हमने पूरे क्षेत्र को 22 ब्लॉक में बांटा है। सबको अलग-अलग ब्लॉक में पौधरोपण करवाने की व्यवस्था की है। ये एक सामाजिक कार्यक्रम है। जिसका एकमात्र उद्देश्य खेजड़ी संरक्षण का संदेश देना है।”

पद्मश्री से सम्मानित हस्तियों ने की शिरकत
तपते तावड़े के बावजूद लोग खेजड़ली उच्छब मनाने दूर-दूर से आए। कोई भीलवाड़ा से आया तो कोई जोधपुर से। कोई दिल्ली से आया तो कोई जयपुर से । एक दौर था, जब चिपको आंदोलन के प्रणेता सुंदरलाल बहुगुणा बीकानेर आए थे। तब उन्होंने भीनासर में चल रहे गोचर आंदोलन में शिरकत करके गोचर संरक्षण का संदेश दिया था। और आज इस खेजड़ली उच्छब में पद्मश्री से सम्मानित श्यामसुंदर पालीवाल (पिपलांत्री, राजसमंद) और हिम्मताराम भांभू (नागौर) ने शिरकत करके खेजड़ी संरक्षण का व्यापक स्तर पर संदेश दिया है।

363 महिलाओं ने निकाली शोभायात्रा
इस उच्छब में बिश्नोई समाज की 363 महिलाओं ने एक खेजड़ली उच्छब की शोभायात्रा निकाली। महिलाओं ने गीत गाते हुए खेजड़ीरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

खेजड़ली उच्छब में ये भी आए
खेजड़ली उच्छब में स्वामी विर्मशानंद गिरि, रामेश्वरानंद, महंत सरजूदास समेत कई धार्मिक गुरुओं और साधु-संतों ने शिरकत की। संतों ने खेजड़ी का महत्व बताते हुए ‘खेजड़ली उच्छब’ को हर साल मनाने की बात कही। इसके अलावा खेजड़ी बचाओ आंदोलन के परसराम बिश्नोई, सुभाष बिश्नोई ने भी शिरकत की। आयोजन में वेटेरनरी विवि के वीसी सुमंत व्यास, खाजूवाला विधायक विश्वनाथ मेघवाल, बीजेपी ज़िलाध्यक्ष सुमन छाजेड़ समेत बीजेपी-कांग्रेस के कई नेताओं ने शिरकत की।

इन संस्थाओं का मिला सहयोग-
इस आयोजन को ज़िले की कई संस्थाओं का सहयोग मिला। ऑवर फोर नेशन, भारतीय कंपनी सचिव संस्थान, योगा प्रशिक्षण समिति, रोटरी क्लब, लॉयन्स क्लब, भाजपा, कांग्रेस, स्काउट, एसकेआरएयू, वेटेनरी विवि, बार एसोसिएशन, विश्नोई समाज, जैन समाज, तेरापंथ युवक परिषद, स्कूल-कॉलेज, स्वयं सेवक, समेत कई खेल संगठन का सहयोग रहा।


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