






Thar पोस्ट न्यूज , बीकानेर। पर्यावरण संरक्षण और मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से आगामी 5 जुलाई को गंगाशहर-भीनासर गोचर भूमि में एक विशाल वृक्षारोपण उत्सव ‘खेजड़ली उच्छब’ का आयोजन होने जा रहा है। इस महाभियान के तहत सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच जन सहयोग से रिकॉर्ड 11,000 खेजड़ी के पौधे लगाए जाएंगे।

खेजड़ली उच्छब समिति की आज जिला उद्योग संघ में हुई प्रेस वार्ता में आयोजकों ने बताया कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं बल्कि ‘देव वृक्ष’ और मरुस्थलीय प्रकृति चक्र की धुरी है। यह चारा, लकड़ी, सांगरी, भूजल और मिट्टी संरक्षण का प्राकृतिक स्रोत है, जिसके बिना मरुस्थल के अस्तित्व की कल्पना करना भी मुश्किल है। हमारे धर्म शास्त्रों में भी इसे ‘शमी वृक्ष’ कहकर इसकी महत्ता बताई गई है।
महंत सरजूदास जी ने बताया कि इस पुनीत कार्य को सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम में जिला प्रशासन, नगर निगम, और बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) के साथ-साथ पर्यावरण के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित श्री लक्ष्मण सिंह लापोडिया, श्री श्याम सुन्दर पालीवाल और श्री हिम्मताराम भाम्भू विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
इसके अलावा वन विभाग, एनसीसी (NCC), स्काउट-गाइड, रोटरी क्लब, लायन्स क्लब, महावीर इंटरनेशनल और बीकानेर की तीनों प्रमुख यूनिवर्सिटीज (कृषि, वेटनरी, एमजीएस यूनिवर्सिटी) भी इस अभियान का हिस्सा बनेंगी। सामाजिक व व्यावसायिक संगठनों में ब्रह्माकुमारी केन्द्र, भदौरिया ग्रुप, योग सेवा संस्थान, एकाउण्टेंट एसोसिएशन, माहेश्वरी सभा, महिला संगठन, बार एसोसिएशन, कर्मचारी संगठन, विभिन्न राजनीतिक दल और जनप्रतिनिधियों सहित आम जनता की भी भागीदारी रहेगी।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता अजय पुरोहित, जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष डीपी पच्चिसिया, विनोद जोशी, वरिष्ठ पत्रकार हेम शर्मा ने बताया कि महाआयोजन में संत समाज की भी गरिमामयी सहभागिता रहेगी। अधिष्ठाता स्वामी विमर्शानंद जी, रामेश्वरानंद जी, महंत सरजूदास जी, स्वामी सच्चिदानन्द महाराज जैन मुनि (तेरापंथ) के साथ-साथ युवक परिषद, महिला मंडल, स्कूल-कॉलेज के स्वयंसेवक, भारतीय कंपनी सचिव संस्थान, ‘ओवर फोर नेशन’ और खेल संगठन भी पौधे लगाने में सहयोग करेंगे। इसके साथ ही ‘खेजड़ी बचाओ आंदोलन’ के मुखिया श्री परसा रामजी बिश्नोई भी इस अभियान में शामिल होकर लोगों का हौसला बढ़ाएंगे।
आयोजकों ने आम जनता से अपील की है कि वे आगामी 5 जुलाई को सुबह ठीक 6 बजे गंगाशहर-भीनासर गोचर पहुंचकर इस पर्यावरण यज्ञ में अपनी आहुति दें और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल कायम करें।
