





Thar पोस्ट न्यूज बीकानेर। पर्यटन और हेरिटेज नगरी के रूप में मशहूर बीकानेर शहर में बुनियादी सुविधाओं का बुरा हाल है। यहां आने वाले देशी विदेशी सैलानियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला लालगढ़ पैलेस रोड और उसके आसपास के होटल हब का है, जहाँ जलभराव और ओवरफ्लो होते नाले के कारण राहगीरों और पर्यटकों का निकलना दूभर हो गया है। आलम यह है कि एक नाले और बदहाल सड़क की वजह से क्षेत्र के करीब 11 छोटे-बड़े होटलों और गेस्ट हाउसों का रास्ता पूरी तरह प्रभावित हो गया है।


कैसे पहुंचे होटल?
लालगढ़ क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर नाले का लेवल सही नही होने तथा रोडवेज बस स्टैंड के सामने सड़क का लेवल ऊंचा होने से नाले का पानी बाहर एकत्र हो गया है। बारिश में हालात और भी बुरे हो जाते है। नाले की समस्या का स्थायी हल नही होने से वहां गंदा पानी एकत्रित है। इसके साथ ही सड़क के टूटे होने के कारण यहाँ गंदा पानी जमा हो गया है। होटल लालगढ़, सागर, पैलेस व्यू, बीकानेर ,कलिंगा सिटी पैलेस सहित अन्य होटलों तक जाने वाली मुख्य सड़क दलदल में तब्दील हो चुकी है। गंदे पानी के बड़े-बड़े गड्ढों और फिसलन भरे कीचड़ के कारण यहाँ से पैदल निकलना भी नामुमकिन हो गया है। टैक्सी, ऑटो व दुपहिया वाहन चालक भी परेशान है।
पर्यटन पर असर
इस मार्ग पर लालगढ़ पैलेस सहित कई नामी और हेरिटेज होटल स्थित हैं, जहाँ देश-विदेश से पर्यटक रुकने आते हैं। लेकिन बदबूदार पानी और इस बदहाली को देखकर बीकानेर की छवि खराब हो रही है। इस बारे में होटल व्यवसायियों का कहना है कि:
“इस मार्ग पर करीब 11 होटलों का रास्ता है। मुख्य सड़क का यह हाल होने से हमारे यहाँ आने वाले गेस्ट्स को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार गाड़ियाँ इस कीचड़ में फंस जाती हैं। प्रशासन को बार-बार शिकायत करने के बाद भी नाले का कोई स्थाई समाधान नहीं किया जा रहा है।” जुलाई अगस्त में पर्यटकों की आवक शुरू हो जाएगी। मानसून की शुरुआत से पहले ही शहर के इस महत्वपूर्ण वीआईपी और टूरिस्ट एरिया का यह हाल ड्रेनेज सिस्टम और दावों की पोल खोल रहा है। अगर समय रहते इस नाले की सुध नहीं ली गई और सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, तो आगामी पर्यटन सीजन में यहाँ की स्थिति और बदतर हो सकती है।