





Thar पोस्ट। लंबी लड़ाई के बाद पाकिस्तान में महिलाओं की जीत हुई है। मासिक धर्म से जुड़े उत्पाद जैसे सैनिटरी पैड्स, टैम्पोन, मेस्ट्रुअल कप पर लगने वाले टैक्स को पीरियड टैक्स कहा जाता है. शुरुआत में इन चीजों को विलासिता से जोड़कर भारी टैक्स की वसूली की जाती थी. अलग-अलग देशों में पैड्स और इससे जुड़े जुड़े अन्य उत्पाद बनाने वाली कंपनियां 60 फीसदी तक टैक्स वसूलती थी. बाद में लोगों की जागरूकता बढ़ी, अलग-अलग देशों में पीरियड टैक्स के खिलाफ आंदोलन हुए और धीरे-धीरे कई देशों ने इन उत्पादों पर लगने वाले टैक्स को समाप्त कर दिया. आज के समय में कई देशों में पैड्स निशुल्क बांटे जाते हैं. लेकिन आपको जानकर यह हैरत होगी कि इस जमाने में भी पाकिस्तान में मासिक धर्म से जुड़े उत्पादों पर 18 फीसदी तक टैक्स वसूला जाता है. लेकिन एक लंबी कानूनी लड़ाई और दो युवा वकीलों के अभियान के बाद अब पाकिस्तान सरकार सैनिटरी प्रोडक्ट्स पर सेल्स टैक्स खत्म करने जा रही है. इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है. पाकिस्तान में सैनिटरी आइटम और कॉन्ट्रासेप्टिव (गर्भनिरोधक) पर 18% सेल्स टैक्स हटाने का यह फैसला पिछले हफ्ते देश के बजट में घोषित किया गया था. यह फैसला कमर्शियल पीरियड प्रोडक्ट्स तक बेहतर पहुंच के लिए चलाए गए अभियान के बाद लिया गया है, क्योंकि देश में बहुत कम महिलाएं ही इनका इस्तेमाल करती हैं।
