






Thar पोस्ट। विश्व के अनेक देशों के लिए अलर्ट। अल नीनो रूपी दैत्य की आहट। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने दुनिया के लिए एक बड़ी जलवायु चेतावनी जारी की है. संगठन का कहना है कि प्रशांत महासागर में समुद्र का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो रहा है, जिसकी वजह से अल नीनो (El Niño) की स्थिति बन रही है. इसका असर आने वाले महीनों में दुनिया के तापमान और बारिश के पैटर्न पर पड़ सकता है. इसके कारण कई देशों में बहुत ज्यादा गर्मी, भारी बारिश, बाढ़ और सूखे जैसी मौसम संबंधी घटनाएं बढ़ सकती हैं.जून से अगस्त 2026 के दौरान दुनिया के लगभग सभी हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है.

संगठन के अल नीनो/ला नीना अपडेट के मुताबिक जून से अगस्त 2026 के बीच अल नीनो बनने की संभावना 80 प्रतिशत है. वहीं इसके कम से कम नवंबर 2026 तक बने रहने की संभावना 90 प्रतिशत या उससे अधिक बताई गई है. हालांकि इसकी सबसे अधिक ताकत और सही समय को लेकर अभी कुछ अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन अधिकांश मौसम मॉडल बताते हैं कि यह कम से कम मध्यम स्तर का होगा और संभव है कि यह काफी मजबूत भी हो
WMO के अनुसार अप्रैल के अंत और मई के दौरान भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान लगातार बढ़ रहा था और यह अल नीनो की सीमा के करीब पहुंच गया. समुद्र की सतह के नीचे का पानी भी सामान्य से लगभग 6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा गर्म है, जिससे सतह का तापमान और बढ़ रहा है. इसी कारण अल नीनो की स्थिति तेजी से विकसित हो रही है. इसके साथ ही सदर्न ऑसिलेशन इंडेक्स भी अल नीनो बनने के संकेत दे रहा है.
