IMG 20231123 090506 10 न्यूरोसर्जरी विभाग की सेवाएं ओपीडी समय तक बढ़ाई, डॉ. यूनुस खिलजी ने किया सफल आपरेशन Rajasthan News Portal बीकानेर अपडेट
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Thar पोस्ट न्यूज। अधीक्षक डॉ. सोनाली ने जारी किए आदेश। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. गुंजन सोनी के आदेश पर सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक अधीक्षक डॉ. सोनाली धवन ने बुधवार को एक आदेश जारी किया है जिसके तहत न्युरोसर्जरी विभाग द्वारा सप्ताह में तीन दिवस सोमवार, बुधवार तथा शुक्रवार को सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक डॉक्टर्स मरीजों को देखेगें।

प्राचार्य कॉर्डिनेटर डॉ. गौतम लुणिया ने बताया कि मरीजों के बढ़ते भार ओर चिकित्सा सुविधाओं में विस्तार को मध्यनजर रखते हुए प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी ने इस संबंध में एसएबी अधीक्षक को न्युरो सर्जरी विभाग की सेवाएं ओपीडी समय तक जारी रखने का निर्णय लिया है.

उपलब्धि : एसएसबी के डॉ. यूनुस खिलजी ने किया ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया बीमारी का सफल ऑपरेशन

सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के डॉ. यूनुस खिलजी ने बुधवार को एक 44 वर्षीय मरीज के ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया का रेडियोफ्रीक्वेंसी अबलेशन तकनीक द्वारा सफल एवं निःशुल्क ऑपरेशन कर उसे भीषण दर्द से राहत दिलाई। एसएसबी में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है।

इस बडे ऑपरेशन की सफलता पर मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी ने डॉक्टर्स टीम को बधाई दी और कहा कि ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया, जिसे अक्सर मानवता के लिए सबसे कष्टदायी पीड़ाओं में से एक के रूप में वर्णित किया जाता है, को बीकानेर के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक अस्पताल में आशा की किरण मिली, क्योंकि यहां प्रसिद्ध इंटरवेंशनल पेन स्पेशलिस्ट डॉ. यूनुस खिलजी ने जूझ रहे मरीज की पीड़ा को कम करने के लिए सफल ऑपरेशन कर निजात दिलाई ।

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एसएसबी अधीक्षक डॉ. सोनाली ने बताया कि समान्यतः ऐसे ऑपरेशन बडे सेण्टर्स पर होते है,इस कारण ऐसे उपचार महंगे होते है कि लेकिन हमारे यहां डॉक्टर्स मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध करवाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

डॉ. यूनुस ने बताया कि ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया ट्राइजेमिनल तंत्रिका को प्रभावित करने वाली एक पुरानी दर्द की स्थिति है, जो चेहरे में संवेदनाओं को नियंत्रित करती है। लक्षणों में चेहरे में अचानक, गंभीर और छुरा चुभने जैसा दर्द शामिल है, जो अक्सर रोजमर्रा की गतिविधियों से शुरू होता है। रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन एक न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया है जो दर्द के लिए जिम्मेदार तंत्रिका संकेतों को बाधित करने के लिए इलेक्ट्रिक हिट का उपयोग करती है, जिससे इस दर्दनाक स्थिति से पीड़ित रोगियों को राहत मिलती है। उल्लेखनीय है कि पैन मैनेजमेंट सेवाएं डॉ खिलजी द्वारा प्रत्येक सोमवार को एसएसबी के कमरा नंबर 1 में नियमित रूप से ओपीडी समय में उपलब्ध करवाई जा रही है।

ऑपरेशन के दौरान इनका रहा विशेष सहयोग
इस दौरान एसएसबी अधीक्षक डॉ. सोनाली धवन, न्युरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ दिनेश सोढ़ी, डॉ. कपिल पारीक, डॉ. प्रियंका सहित ओटी तकनीशियन, नर्सिंग स्टाफ एवं रेडियोग्राफर टीम का विशेष सहयोग रहा।


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