IMG 20231126 WA0118 भक्ति साहित्य की प्रासंगिकता सदा-सर्वदा रहती है- डॉ. बीठू Rajasthan News Portal बीकानेर अपडेट
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Thar पोस्ट न्यूज देशनोक। स्थानीय षटशति सभागार में विक्रम देपावत द्वारा संकलित पुस्तक – ‘ श्री करणी कथामृत ‘ का भव्य लोकार्पण करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. कुलदीपसिंह बीठू ने कहा कि भक्ति रस का साहित्य सदा अजर अमर रहता है। सार्दुलसिंहजी कविया द्वारा लिखित इस पुस्तक का यह द्वितीय संस्करण है।
श्री करणी मंदिर निजी प्रन्यास के चेयरमैन श्री बादलसिंह देपावत की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में श्री शक्तिदान देपावत, सुरेन्दरसिंह देपावत, गिरिराजसिंह चारण, सींथल की पूर्व सरपंच श्रीमती शशिकिरण बीठू,देवीसिंह देपावत, नरेन्द्र कुमार सिंघी एवं सुरेन्दर कुमार सिंघी आदि कही गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
लोकार्पण से पूर्व विक्रम देपावत की प्रकाशित पुस्तकों की विवेचना करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार श्री जगदीश रतनू ने कहा कि भगवती श्री करणीजी महाराज के विराट एवं दिव्य व्यक्तित्व पर गहन शोध की महत्ती आवश्यकता है। अवतार परम्परा में भगवान श्री कृष्ण एवं भगवती श्री करणीजी महाराज का कोई सानी नहीं हैं।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री बादलसिंह देपावत ने विक्रम देपावत के सृजन कार्य की भूरि भूरि प्रशंसा की। इस अवसर पर श्री शक्तिदान देपावत, सीतादान देपावत, भँवरदान देपावत, गिरिराज सिंह चारण, सुरेन्दरसिंह देपावत ने भी विचार प्रकट किये।कार्यक्रम का मंच संयोजन साहित्यकार श्री जगदीश रतनू ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रकाशक श्री नरेंद्र कुमार सिंघी ने किया।


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