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Thar पोस्ट, न्यूज। जयपुर पुलिस को अनेक महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। एडवोकेट गोवर्धन सिंह की गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को सुबह राजस्थान पुलिस ने भारत माता मंदिर के पास वकील के कार्यालय पर रेड मारी। गोरधन सिंह को लेकर पहुंची पुलिस को कई लोगों को ब्लैकमेल करने के दस्तावेज मिलने की संभावना है। मौके पर आला अधिकारियों समेत भारी पुलिस का जाब्ता तैनात किया गया।

इसलिए गिरफ्तारी : सदर थाना इलाके में महिला आरपीएस के साथ अभद्रता करने के मामले में सदर थाना पुलिस ने बुधवार को एडवोकेट गोवर्धन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की ओर से आरपीएस अधिकारी संध्या यादव की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
एडिशन कमिश्नर अजयपाल लांबा ने बताया कि 3 अप्रैल 2020 में लॉकडाउन के दौरान एडवोकेट गोवर्धन चौधरी को नाकाबंदी के दौरान एसीपी संध्या यादव की ओर से रोका गया था। इस दौरान एडवोकेट गोवर्धन चौधरी ने संध्या यादव के साथ अभद्रता की और उसके बाद सदर थाने के ईमेल आईडी पर महिला आरपीएस अधिकारी डॉ संध्या यादव और आईपीएस अधिकारी कावेन्द्र सिंह सागर के खिलाफ आपत्तिजनक एवं जाति टिप्पणियां की गई इसके साथ ही डॉ संध्या यादव के खिलाफ अभद्र टिप्पणी और महिला की गरिमा के विरूद्व आपत्तिजनक व्यक्तिगत टिप्पणियां लगातार फेसबुक पेज पर पोस्ट की गई। जिसके बाद महिला आरपीएस अधिकारी संध्या यादव की ओर से राजकार्य में बाधा डालना, एससी एसटी एक्ट और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवाया गया। मामले की जांच एसीपी प्रमोद स्वामी को सौंपी गई। मामले की जांच में सभी आरोपों को प्रमाणित माना गया। यही जांच एडीसीपी अशोक चौहान, (अन्वेषण शाखा) को सुपुर्द की गई। इस दौरान गिरफ्तारी से बचने के लिए गोवर्धन सिंह ने हाईकोर्ट में रिट दायर की। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए अनुसंधान जारी रखने के निर्देश दिए। इसके बाद एडीसीपी करण शर्मा ने जांच की, उसमें जुर्म को प्रमाणित माना। बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान मामले में स्टे हटाने के बाद पुलिस की ओर से एडवोकेट गोवर्धन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।


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