ScreenShot2020 08 19at5.45.42PM 89 राजस्थान में 3 मई तक 'जन अनुशासन पखवाड़ा' का सख्त कर्फ्यू Rajasthan News Portal राजस्थान
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Thar posts, जयपुर: राजस्थान में 3 मई तक ‘जन अनुशासन पखवाड़ा’ का सख्त कर्फ्यू रहेगा। जिसके तहत जरूरी सेवाओं में छूट दी गई है।
उधर इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ओपन मीटिंग में प्रदेशवासियों से अपील करी कि कोरोना गाइड लाइन्स की पालना करें। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विशेषज्ञों के साथ ओपन मीटिंग भी की। मीटिंग के बाद सीएम गहलोत ने आमजन से कहा कि ‘देश को बचाना भी आवश्यक है, प्रदेश को बचाना भी हमारा परम कर्तव्य है, उसमें आमजन के सहयोग से ही कामयाबी मिल सकती है। वैक्सीन जितनी ज्यादा उपयोगी है, मास्क भी उससे कम नहीं है। मास्क व्यक्ति को बचा सकता है, मास्क, डिस्टेंसिंग, हाथ बार-बार धोना ये ही प्रोटोकॉल है।’

CM के साथ बैठक में स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. सुभाग गर्ग बोले- 15 दिन तक कर्फ्यू को सख्ती से लागू करें। अन्यथा हम कुछ भी कर लें, संक्रमण की गति को नहीं रोक पाएंगे। आरयूएचएस कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी सहित कई मेडिकल एक्सपर्ट ने 2-3 सप्ताह का लॉकडाउन लगाने का सुझाव दिया। और कहा कि जो लॉकडाउन के विरोधी हैं, वे किसी भी अस्पताल की इमरजेंसी में एक घंटा गुजार लें, भयावहता समझ आ जाएगी। जिंदा रहना ज्यादा जरूरी है। जीविका बाद में है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिंपल डॉ. सुधीर भंडारी ने दो टूक कहा- जो लॉकडाउन के विरोधी हैं, वे किसी भी अस्पताल की इमरजेंसी में एक घंटा गुजार लें, भयावहता समझ आ जाएगी। जिंदा रहना ज्यादा जरूरी है। जीविका बाद में है। हमारे 45 डॉक्टर वैक्सीनेशन के बाद भी कोरोना पॉजिटिव हो गए, वे सब एसिम्प्टोमेटिक हैं। उनमें कोई लक्षण नहीं हैं। यह सब वैक्सीन की वजह से हो पाया है, इसलिए सब वैक्सीन लगवाएं।

वीसी में चिकित्सा विभाग के प्रमुख सचिव सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि आने वाले 13 दिन में कोरोना के 1.30 लाख केस होने की आशंका है। अभी प्रदेश में 67 हजार एक्टिव केस हैं। कोविड से मरने वालों में 30 फसदी ग्रामीण इलाकों के हैं। पहले यह मिथक था कि यह शहरी क्षेत्र की बीमारी है। अब ग्रामीण इलाकों में भी कोविड फैल रहा है। उन्होंने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि 11 दिन में ऑक्सीजन की मांग दोगुनी हो जाएगी। ग्रामीण इलाकों के ऑक्सीजन प्लांट को भी 24 घंटे प्रोडक्शन के लिए कह दिया है। इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन की सप्लाई को रोककर मेडिकल में डायवर्ट किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा किकई जिलों में ऑक्सीजन बेड करीब-करीब फुल हो गए हैं। ऑक्सीजन सप्लाई के लिए भारत सरकार से वीसी की गई है। ऑक्सीजन प्लांट्स को 24 घंटे बिजली दी जाएगी ।


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