


Thar पोस्ट न्यूज (जितेंद्र व्यास)। जैसलमेर में कांग्रेस की बाड़ाबंदी में आज सुशीला रामेश्वर डूडी ने जीत का मूलमंत्र दिया, एकजुटता की बात कही तो भाजपा में वरिष्ठ भाजपा नेता राजेन्द्र राठौड़ की एंट्री ने महापौर के चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। कांग्रेस जहाँ पूर्ण बहुमत के साथ महापौर कांग्रेस का बोर्ड बनाने का दावा कर रही है वहीं भाजपा भी बोर्ड बनाने का दावा कर रही है। बीजेपी का कहना है कि उनके पास 27 जीते पार्षदों के साथ निर्दलीय व अन्य शामिल है और हम बोर्ड बनाने जा रहे है। बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले राजेन्द्र राठौड़ की भी आज महापौर की जंग में एंट्री हो गई है। मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प है कि राजनीति में साम, दाम, दंड भेद जायज माने जाते है। किसी को जीत मिलती है, किसी को हार। लेकिन इससे ऊपर जनता के लिए कुछ कर गुजरने वालों को लोग सदैव याद रखते है जैसे मानिक चंद सुराणा। लेकिन अब

सवाल यह है कि अब कौनसा दल महापौर की कुर्सी कब्जाता है? आज सुबह से दो वायरल वीडियो फ़ोटो सुर्खियां बटोर रहे है इनकी चर्चा भी है। जिनमे एक महापौर भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह शेखावत का लाइव शामिल है जिसमे वो 51 प्लस का दावा कर रहे हैं। जबकि कांग्रेस से महापौर प्रत्याशी अनिल कल्ला सभी जीते पार्षदों को एकजुट किये हुए है जैसलमेर में। हालांकि दोनों ही दलों को क्रॉस वोटिंग की चिंता भी खाए जा रही है। इसी चिंता पर व्यापक चिंतन भी हो रहा है। अंदरखाने से छनती खबरों के अनुसार महापौर के इस खेले में करोड़ों इधर-उधर होने की बात भी है, खैर राजनीति में सब कुछ जायज है। जैसलमेर में कांग्रेस की बाड़ेबंदी में पार्षदों को वोटिंग की जानकारी दी गई। जिसमे पूर्वमंत्री बी.डी. कल्ला, अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल और यशपाल गहलोत भी नजर आए। लेकिन अब दोनों दलों के आकाओं के दिलों की धड़कन भी बढ़ रही है। सभी को 21 सितबर का इंतज़ार है। यह महापौर का चुनाव ही नहीं बल्कि दोनों दलों के आकाओं की परीक्षा की भी घड़ी है जिसमे कई दिग्गज भी फेल या पास होंगे।
