SAVE 20260809 214431 पुस्तकालय परिषद ने डॉ रंगनाथन जयंती मनाई Rajasthan News Portal बीकानेर अपडेट
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Thar पोस्ट न्यूज। 6 दिसंबर को पुस्तकालय परिषद की नेशनल कांफ्रेंस “एआई के युग में पुस्तकालयो की भूमिका” विषय पर होगी। पुस्तकालय परिषद, जोधपुर द्वारा पिछले 34 वर्षो से अनवरत 09 अगस्त को पुस्तकालय विज्ञान के पितामह डॉ. एस.आर. रंगनाथन साहब का जयंती समारोह पुस्तकालय दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है | इस बार रंगनाथन साहब की 134वी जयंती समारोह का आयोजन कमला नेहरू नगर स्थित एश्वर्या कोलेज ऑफ़ एजुकेशन (ऑटोनोमस), जोधपुर में प्रात 11 बजे से 1 बजे तक किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुस्तकालय परिषद के संस्थापक सदस्य डॉ आर.एस.राठौर द्वारा की गयी एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ ऋषि नेपालिया, प्राचार्य, एश्वर्या कोलेज ऑफ़ एजुकेशन (ऑटोनोमस) जोधपुर रहे। कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों द्वारा माँ शारदा के समक्ष दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया एवं साथ ही रंगनाथन साहब को पुष्पांजलि अर्पित की गई |
पुस्तकालय परिषद् के अध्यक्ष डॉ. एस डी व्यास ने डॉ रंगनाथन जी के पुस्तकालय विज्ञानं से संबंधित उनका अमूल्य योगदान को याद रखने को कहा और उनके जीवन से धेर्य और अनुशासन के साथ निष्ठापूर्वक जीवन और सेवा भावी बनकर, आज के पुस्तकालय अध्यक्षो को कार्य करना चाहिए, उनका रंगनाथन से 1967 में दिल्ली में हुए परिचय को स्मरण कर सुनाया और उनकी लिखित स्मरण “डॉ एस आर रंगनाथन और पुस्तकालय प्रोफेशन” की प्रति सभी आये हुए अतिथियो को दी|

मुख्य अतिथि डॉ ऋषि नेपालिया ने पुस्तकालय विज्ञान मे हो रहे नवाचार के बारे मे बताया | डॉ आर.एस.राठौर ने डॉ रंगनाथन जी के जीवन मूल्यों को पुस्तकालय अध्यक्षों द्वारा अपने जीवन में उतारने के लिए सीख दी | साथ ही साथ सहकर्मी सदस्यों से तालमेल बनाये जिससे शेक्षिक क्षेत्र का वातावरण विद्यार्थियों हेतु स्वस्थ बन सके | डॉ राठौर ने मोबाइल फ़ोन के सदुपयोग और दुरूपयोग के बारे में जानकारी दी और कहा की मोबाइल फ़ोन आधुनिक युग में सूचना क्रांति का कार्य कर रहा है |

सचिव जगदीश यादव ने कहा, रंगनाथन साहब के पुस्तकालय प्रोफेशन में उसका सहयोग अतुल्य रहा तथा वर्गीकरण में उनके योगदान के बारे में जानकारी दी, साथ ही साथ पुस्तकालय विज्ञानं के विभिन्न प्रसिद्द पुस्तकालयाध्यकक्षो के बारे में भी जानकारी दी | उपाध्यक्ष रतन सिंह ने पुस्तकालय के पांचो नियनो की विस्तृत जानकारी दी, जिसमे उन्होंने बताया की पुस्तकालय में प्रबंध का होना अति आवश्यक है साथ ही साथ पाठको का समय बचे, ऐसे नवाचारो को अपनाने पर जोर दिया | श्री वी पी सिंह ने पुस्तकालयो में नवीन पाठ्य सामग्री को विधिवत प्रकिया से अपनाने को कहा, प्रकाशक का चुनाव और आई एस बी एन देखकर पुस्तके लेने को कहा |

ऐश्वर्या कॉलेज के पुस्तकालयाध्यक्ष श्री सुरेन्द्र सिंह राठौड ने डॉ रंगनाथन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए पुस्तकालयाध्यक्ष का आज की जरूरत के हिसाब से बदलाब को अपनाने पर ज़ोर दिया एवं श्री वासुदेव जी ने युवा पीढ़ी को पुस्तकालय के प्रति रुझान को प्रेरित किया। इसके साथ ही सयुक्त सचिव बालू राम सागर और महेश नवल ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन श्री सुरेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया और महेश नवल ने धन्यवाद ज्ञापन किया| सभी के निर्णय द्वारा आगामी पुस्तकालय परिषद् की कांफ्रेंस 06 दिसम्बर 2026 को रखने का प्रस्ताव रखा और विषय – “एआई के युग में पुस्तकालयो की भूमिका” रखा |


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