





Thar पोस्ट। एक बार फिर राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर सियासी और कानूनी विवाद जोर पकड़ रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार के अधिकारियों को लीगल नोटिस भेजकर आरोप लगाया है कि राजस्थान हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। इस नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि तीन दिन के भीतर चुनाव संबंधी आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की जाएगी।

नोटिस के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 22 मई 2026 को दिए अपने आदेश में शहरी निकायों के वार्ड परिसीमन और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया 20 जून 2026 तक पूरी करने तथा पंचायतों और नगर निकायों के चुनाव 31 जुलाई 2026 तक संपन्न कराने के निर्देश दिए थे।
नोटिस में दावा किया गया है कि हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार चुनाव प्रक्रिया में देरी का आधार नहीं बन सकता। इसके बावजूद राज्य सरकार और संबंधित विभाग लगातार ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग की रिपोर्ट का हवाला देकर आरक्षण प्रक्रिया पर ही पत्राचार करते रहे।