





Thar पोस्ट न्यूज। ओपीडी समय में निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों पर कसेगा शिकंजा, प्रधानाचार्य ने जारी किया सख्त आदेश

राजस्थान सरकार के अधीन सरदार पटेल आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (एसपी मेडिकल कॉलेज), बीकानेर के प्रधानाचार्य कार्यालय द्वारा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आवश्यक परिपत्र जारी किया गया है। इस आदेश के तहत ओपीडी समय के दौरान निजी क्लीनिकों या अस्पतालों में मरीजों को देखने वाले और एनपीए (नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस) लेने के बावजूद प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को सख्त चेतावनी दी गई है।
बैठक में सामने आया मामला
परिपत्र के अनुसार, 22 जून 2026 को संभागीय आयुक्त, बीकानेर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में प्रधानाचार्य के संज्ञान में यह बात लाई गई कि मेडिकल कॉलेज से संबद्ध विभिन्न चिकित्सालयों में कार्यरत कुछ डॉक्टर ओपीडी (OPD) के निर्धारित समय में अपने घरों, निजी क्लीनिकों या निजी चिकित्सा संस्थानों/अस्पतालों में मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
NPA लेने के बाद भी निजी प्रैक्टिस
यह भी सामने आया है कि अनेक चिकित्सक नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) का लाभ उठाने के बावजूद धड़ल्ले से निजी प्रैक्टिस में लिप्त हैं। प्रशासन ने इसे राजकीय नियमों की घोर अवहेलना और अनुशासनहीनता माना है।
निरीक्षण और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
प्रधानाचार्य द्वारा जारी इस आदेश में सभी चिकित्सकों को कड़े शब्दों में सूचित किया गया है कि:
- वे अस्पताल के निर्धारित समय में इस प्रकार की किसी भी गैर-कानूनी या नियम-विरुद्ध गतिविधि में भाग न लें।
- आगामी दिनों में अस्पतालों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया जाएगा।
- यदि कोई भी चिकित्सक ओपीडी समय में निजी प्रैक्टिस या इस तरह की गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो राज्य सरकार के नियमानुसार उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- किसी भी प्रकार की कार्रवाई होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित चिकित्सक की होगी।