Thar पोस्ट, न्यूज। बीकानेर में इस बार चुनाव में तगड़ा संघर्ष प्रत्याशियों में देखने को मिल रहा है। चुनावी बिसात बिछ चुकी है। कहीं मोहरे बदले गए है तो कहीं कहीं एक तरफ सरका दिये गए हैं। दोनों दलों के आका अपने हिसाब से चाले चल रहे हैं। इस खेल के चलते जहाँ त्रिकोणीय मुकाबला दिखाई दे रहा था अब वहां सीधा संघर्ष है। इसके बाद भी आधी सीटों पर त्रिकोणीय संघर्ष है। बीकानेर पूरब में कुछ दिन पहले तक जोरदार संघर्ष के आसार बन गए थे। महावीर रांका के शक्ति प्रदर्शन व सुरेंद्र सिंह शेखावत के विरोध के चलते बीजेपी आलाकमान खेमे में भी खलबली मच गई थी। क्योंकि बीजेपी इस सीट को सर्वाधिक सुरक्षित मानती है। हालांकि बीजेपी यहां डैमेज कंट्रोल में कामयाब हो गई। अब सीधा मुकाबला यहां सिद्धि कुमारी व कांग्रेस के यशपाल गहलोत में है। पिछले चुनाव में यहां से सिद्धि कुमारी जीत तो गई थी लेकिन तब कांग्रेस से कन्हैया लाल झंवर ने उन्हें हार के कगार तक पहुंचा दिया था। झंवर बहुत कम अंतराल से हारे थे। श्रीकोलायत में बीजेपी ने एक बड़ा परिवर्तन करते हुए अंशुमान सिंह पर भरोसा जताया है जो कि पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी के पौत्र है। यहां से पहले पार्टी ने पूनम कंवर को टिकट दिया था। लेकिन इसमें परिवर्तन कर भाटी के पौत्र को टिकट दिया गया है। यहां त्रिकोणीय संघर्ष है। पूर्व विधायक रेवंतराम पंवार रालोपा से ताल ठोक चुके है। तो कांग्रेस के प्रत्याशी भंवर सिंह भाटी विकास कार्यों के साथ चुनाव मैदान में है। यहां से देवी सिंह भाटी ने भी टिकट मांगा था। चर्चित सीट बीकानेर पश्चिम करें तो यहां बीजेपी से जेठानंद व्यास व कांग्रेस प्रत्याशी डॉ बी डी कल्ला के बीच सीधा मुकाबला है। चुनावी माहौल यहां देर रात तक रहता है। यहां आपस मे रिश्तेदारियां उलझी हुई है इसका असर वोटों पर भी होता है। पश्चिम में टिकट नहीं मिलने से राजकुमार किराडू ने हाथ को छोड़कर कमल के फूल को थाम लिया। हालांकि यहां रालोपा से अब्दुल मजीद खोखर भी मैदान में है व मजदूर यूनियन नेता शबनम बानो भी चुनावी मैदान में है। बीकानेर पश्चिम में जोरदार टक्कर के आसार बने हुए है। बीकानेर के नोखा व श्रीडूंगरगढ़ में त्रिकोणीय मुकाबला है। नोखा में कांग्रेस से सुशीला डूडी, बीजेपी से बिहारी लाल बिश्नोई व नोखा विकास मंच से कन्हैया लाल झंवर मैदान में है। यही वह सीट है जहाँ पर कोई भी प्रमुख दल निर्दलीय को हल्के में नहीं ले रहे है। डूंगरगढ़ में तीन अनुभवियों में मुकाबला है। कम्युनिस्ट पार्टी से गिरधारी लाल माहिया, कांग्रेस से मंगलाराम गोदारा व बीजेपी ताराचंद सारस्वत है। लूनकरणसर में कांटे की टक्कर रहेगी। यहां कांग्रेस से राजेन्द्र मूंड, बीजेपी से सुमित गोदारा है तो पूर्व विधायक वीरेंद्र बेनीवाल ने बागी बनकर ताल ठोक दी है। खाजूवाला में गोविंदराम मेघवाल व डॉ विश्वनाथ के बीच टक्कर है। कुल मिलाकर आधी सीटें त्रिकोणीय संघर्ष में फंस गई है।- जितेंद्र व्यास