rajasthan private hospitals closed on 11 february in protest against right to health bill 1676039068 कल बन्द रहेंगे सभी प्राइवेट हॉस्पिटल, यह है वजह Rajasthan News Portal राजस्थान
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Thar पोस्ट, न्यूज। राजस्थान में प्रस्तावित राइट टू हेल्थ बिल के खिलाफ चिकित्सकों ने एक संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया है। जिसमें विभिन्न प्राइवेट और सरकारी चिकित्सकों के संघ शामिल है। इस समिति ने  11 फरवरी को राज्य भर में सुबह 8 बजे से सम्पूर्ण मेडिकल बन्द का आह्वान किया है। इसके चलते प्रदेश के सभी निजी चिकित्सालय, क्लीनिक, कॉर्पोरेट चिकित्सालय, प्राइवेट मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय 24 घण्टे के लिए बंद रहेंगे।

सेवारत सरकारी डॉक्टर 2 घंटे में पेन डाउन रखेंगे, काली पट्टी बांधेंगे
सरकारी अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ से जुड़े सेवारत चिकित्सक 2 घण्टे का कार्य बहिष्कार करेंगे और काली पट्टी बांध कर काम करेंगे। प्रवर समिति की बैठक के दौरान राज्य भर से आए चिकित्सकों ने राइट टू हेल्थ बिल के खिलाफ प्रदर्शन भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही इस बिल के खिलाफ आन्दोलन को फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया हैइंडियन मेडिकल एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी डॉ संजीव गुप्ता ने कहा- प्रस्तावित राइट टु हेल्थ बिल के खिलाफ चल रहे शांतिपूर्ण आन्दोलन के बावजूद सरकार की बिल पास करने की जल्दबाजी और हठधर्मिता से राज्य के पूरे चिकित्सक वर्ग गुस्सा में है। 1. जब संविधान में पहले ही स्वास्थ्य का अधिकार दिया गया है, तो किसी भी नए बिल की आवश्यकता ही क्या है।
2. हेल्थ के मायने मात्र बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार स्वास्थ्य के मायने बहुत विस्तृत हैं, जिसमें सामाजिक ,आर्थिक,भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ होना है। तो सरकार पहले स्वच्छ हवा,पानी,बिना मिलावट के खाद्य पदार्थ,रोजगार उपलब्ध करवाए, वरना यह बिल केवल आम जन को गुमराह करने का एक तरीका भर है।3. सभी निजी अस्पतालों को आपातकालीन अवस्था में आये मरीज़ का इलाज निशुल्क करना होगा। चाहे आपातकाल की सुविधा उस चिकित्सालय में हो या न हो ,यह  आपातकालीन(इमरजेंसी )की बिल में कोई व्याख्या /परिभाषा नहीं।
4. राज्य के सभी नागरिकों को सभी सरकारी- गैर सरकारी चिकित्सा संस्थानों में निशुल्क जांच और इलाज का अधिकार देना सिर्फ एक चुनावी शिगूफा है। पहले ही 50 से ज्यादा राष्ट्रीय कार्यक्रम और चिरंजीवी बीमा जैसी योजनाएं सही प्लानिंग के अभाव में आमजन को कोई लाभ नहीं दे रहीं, उस पर इस बिल के प्रावधान चिकित्सकीय काम को कानूनी शिकंजे में कसकर जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ की योजना भर है।


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