Thar पोस्ट, न्यूज। पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन जैसलमेर रेलवे स्टेशन की तस्वीर बदलेगी। यहां रेलवे द्वारा आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जो कि सामरिक और पर्यटन का दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। इस रेलवे स्टेशन का कायाकल्प करने के लिए 148 करोड रुपय का बजट रखा गया है। इतने रुपये की लागत से जैसलमेर रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा। प्रोजेक्ट व काम को पूरा होने में लगभग दो साल का समय लगेगा। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण जैसलमेर रेलवे स्टेशन का रिडवलपमेंट रेलवे के निर्माण विभाग की ओर से करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “जैसलमेर रेलवे स्टेशन को तीन मंजिला बनाने के साथ-साथ हैरिटेज स्वरूप भी दिया जाएगा। एयरपोर्ट की तरह ही फूड कोर्ट, सुविधायुक्त वेटिंग रूम, लिफ्ट, ऐस्कलेटर, वातानुकूलित (AC) और गैर-वातानुकूलित विश्राम कक्ष और साफ-सफाई के लिए आधुनिक मशीनें मौजूद रहेंगी।”
बीकानेर की कंपनी बदलेगी तस्वीर : जैसलमेर रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का काम पूरा करने का जिम्मा बीकानेर की एक कंपनी ने लिया है। उन्होंने बताया कि काम सितंबर के अंत तक शुरू होने की संभावना है और इसे पूरा होने में लगभग दो साल का समय लगेगा। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) गीतिका पांडेय के अनुसार सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण जैसलमेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास रेलवे के निर्माण विभाग की ओर से करवाया जा रहा है और हवाई अड्डे की तरह ही रेलवे स्टेशन पर सभी सुविधाएं होंगी। पांडेय के अनुसार, उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल पर स्थित जैसलमेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की मंशा के अनुरूप किया जा रहा है और काम का ठेका बीकानेर की निर्माण कंपनी एसकेटी एसजीसीसीएल (जेवी) को दिया गया है। उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से स्टेशन के पुनर्विकास की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और इसी महीने सितंबर में काम शुरू होने की संभावना है।
इन चीजों को दी जाएगी विशेष तवज्जो
डीआरएम ने बताया कि देशी-विदेशी सैलानियों से गुलजार रहने वाली स्वर्ण नगरी जैसलमेर में रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के दौरान सौंदर्यीकरण में स्थानीय कला और संस्कृति को विशेष तवज्जो दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्टेशन पुनर्विकास पर करीब 148 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। पांडेय के अनुसार, नई इमारत के निर्माण में पीले पत्थर का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्टेशन भवन को हैरिटेज स्वरूप देते हुए नक्काशीदार झरोखों, जालियों, छतरियों, आदि से जैसलमेर की कला और संस्कृति की पहचान बरकरार रखी जाएगी जैसलमेर जिला अनेक फ्लाइट्स के माध्यम से देश के महानगरों से जुड़ा है।