Thar पोस्ट, न्यूज। भीषण गर्मी ने 122 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 15 अप्रैल के बाद कुछ राहत मिलेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का कहना है कि इस साल अप्रैल महीने के शुरुआती दिनों में ही रिकॉर्ड गर्मी पड़ी है। 15 अप्रैल से लू का प्रकोप कम होगा लेकिन तापमान में बढ़ोतरी रहने के कारण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिनों में उत्तर भारत के राज्यों में हीट वेव से राहत मिलने की संभावना है. मौसम विभाग ने जानकारी दी थी कि भारत ने 121 वर्षों में इस साल औसतन मार्च महीने में अपने सबसे गर्मी दर्ज की गई. जिसमें देश भर में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.86 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा था. यह रिकॉर्ड तोड़ आंकड़ा उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में अधिकतम तापमान में बड़े अंतर से प्रेरित था। केवल राजस्थान की बात करें तो यहां मौसम में आये बदलाव से आसमान में हल्के बादल छा गए। इससे 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में तप रहे राज्य के कई शहरों में पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। मौसम विशेषज्ञों की माने तो इस बदलाव से बीकानेर संभाग में तेज स्पीड के साथ धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। वहीं, गंगानगर, हनुमानगढ़ बेल्ट में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी होने की भी संभावना है।जम्मू-कश्मीर की तरफ एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है। इसके कारण उत्तर भारत के हिमाचल, जम्मू, लद्दाख में 14 अप्रैल तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की बौछारें हो सकती है। इसी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर और पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में भी पड़ रहा है। आज पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के हिस्से में आसमान में हल्के बादल छाए हुए हैं। गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू और झुंझुनूं एरिया में आज और कल धूलभरी आंधी चल सकती है। इससे तापमान में गिरावट होगी। गंगानगर में पिछले 2-3 दिन से तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।