






Thar पोस्ट न्यूज। भारत में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। इसका सीधा असर होटल, गेस्ट हाउस, गाइड सहित व्यवसाय से जुड़े लोगों के रोजगार पर हुआ है। फ़्रांस, इटली सहित अन्य देशों में अत्यधिक महंगाई व प्रदर्शन का असर भारत के पर्यटन कारोबार पर दिख रहा है। अक्टूबर में अच्छी संख्या में टूरिज्म मूव भारत की ओर होता है, लेकिन इस बार मामला खाली खाली सा है। हालांकि बड़े होटलों ने अपना सारा ध्यान शादियों के सीजन पर फोकस कर दिया है ताकि खराब दौर से गुजर रहे पर्यटन का असर उनकी होटलों पर ना पड़े। आखिर कौनसे कारणों से टूरिज्म ट्रेड ओंधे मुंह गिरा है। इस पर एक नज़र:-












ये है कारण
इस बार सभी यूरोपीय देशों में भीषण गर्मी पड़ी। इसका असर आमजन पर हुआ। बड़ी संख्या में पर्यटकों ने फुटबॉल मैच में पैसा खर्च किया। युद्ध का भी असर अनेक देशों पर हुआ है। इसके चलते यूरोप के लोग पर्यटन को कम महत्व दे रहे है। इसके साथ ही वीजा की जटिल प्रक्रिया, सुरक्षा संबंधी चिंताएं, और ठगी की घटनाओं के कारण विदेशी पर्यटकों का आगमन महामारी-पूर्व (2019) के स्तर से काफी नीचे बना हुआ है। हालात ये है कि पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग रोजगार के अन्य साधन अपनाने के लिए मजबूर है।
देशी भी गिरा : ना केवल विदेशी बल्कि देशी पर्यटक भी घूमने फिरने को टाल रहे है। लगातार बढ़ी मंहगाई भी इसकी एक वजह है। गुजरात, मुम्बई, पश्चिमी बंगाल के देशी पर्यटक अपने राज्यो से बाहर कम ही निकल रहे है। इस बारे में बीकानेर के एक होटल व्यवसायी का कहना है कि त्योंहारी सीजन में खासकर दीपावली के दिनों में पर्यटकों की आवक शुरू हो जाती है लेकिन इस बार देशी व विदेशी पर्यटक नही के बराबर आये है। वही एक टूरिस्ट गाइड ने बताया कि विदेशी की बात छोड़ो, बंगाल में भगदड़ के कारण अनेक देशी पर्यटकों की बुकिंग कैंसिल हो गई।
