

Thar पोस्ट न्यूज बीकानेर। पीबीएम अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग में आयोजित दो दिवसीय POCUS (Point-of-Care Ultrasound) वर्कशॉप सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आधुनिक चिकित्सा में तेजी से महत्वपूर्ण बन रही बेडसाइड अल्ट्रासाउंड तकनीकों पर केंद्रित इस शैक्षणिक आयोजन में करीब 90 चिकित्सकों एवं प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।










एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. कांता भाटी के नेतृत्व में आयोजित कार्यशाला में देश के प्रख्यात राष्ट्रीय फैकल्टी सदस्यों ने प्रतिभागियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन के साथ व्यापक हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला की खास बात यह रही कि इसमें केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि मरीज के बेडसाइड पर उपयोग होने वाली तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।
डॉ. कांता भाटी ने बताया कि POCUS आज एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर में तेजी से उपयोगी साबित हो रहा है। इसके माध्यम से चिकित्सक मरीज के बेडसाइड पर ही अल्ट्रासाउंड कर तत्काल महत्वपूर्ण क्लिनिकल जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे गंभीर मरीजों के उपचार में समय की बचत होती है और त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलती है।
कार्यशाला में गैस्ट्रिक अल्ट्रासाउंड, इको, लंग अल्ट्रासाउंड, एयरवे असेसमेंट, डीवीटी और VExUS जैसी आधुनिक एवं महत्वपूर्ण तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इन तकनीकों का उपयोग एनेस्थीसिया देने से पहले मरीज की स्थिति का बेहतर आकलन करने, संभावित जोखिम पहचानने और उपचार की दिशा तय करने में किया जा सकता है।
डॉ. भाटी ने कहा कि POCUS का सबसे बड़ा लाभ यह है कि कई महत्वपूर्ण स्थितियों में प्रारंभिक जानकारी तुरंत मिल जाती है। इससे एनेस्थीसिया के दौरान मरीज की सुरक्षा बढ़ती है, आपात स्थितियों में निर्णय अधिक सटीक होते हैं और गंभीर मरीजों की निगरानी बेहतर ढंग से की जा सकती है।
राष्ट्रीय फैकल्टी सदस्यों ने विभिन्न क्लिनिकल परिस्थितियों में POCUS के उपयोग की बारीकियां समझाईं और प्रतिभागियों को स्वयं अभ्यास करवाया। इससे कार्यशाला को पूरी तरह प्रैक्टिकल और क्लिनिकल ओरिएंटेड स्वरूप मिला।
डॉ. कांता भाटी ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में लगातार नई तकनीकें सामने आ रही हैं और चिकित्सकों को इनसे अपडेट रखना समय की आवश्यकता है। इस प्रकार की कार्यशालाएं न केवल चिकित्सकों की क्लिनिकल स्किल्स को मजबूत करती हैं, बल्कि इसका सीधा लाभ मरीजों को बेहतर एवं सुरक्षित उपचार के रूप में मिलता है।
दो दिवसीय कार्यशाला को प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और व्यावहारिक बताया। आयोजन ने पीबीएम अस्पताल में आधुनिक एनेस्थीसिया और बेडसाइड डायग्नोस्टिक तकनीकों के प्रशिक्षण को नई मजबूती प्रदान की।
