

Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान में पंचायत चुनाव की घोषणा। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की 14,403 पंचायतों के आम चुनाव कराने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई है। आयोग ने कहा है कि वह राज्य में वन स्टेट वन इलेक्शन की अवधारणा को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिन पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल पूरा हो चुका है, उनमें बारां, करौली, कोटा और झालावाड़ के प्रधान एवं उप प्रधान के चुनाव दिसंबर में कराए जाएंगे। पंचायत चुनावों के लिए मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है। पंचायत चुनावों के तहत जैसलमेर और फलौदी में चुनाव एक चरण में कराए जाएंगे, जबकि जयपुर में चार चरणों में मतदान होगा। आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं।










पंचायत चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करते समय उम्मीदवार के साथ अधिकतम पांच लोग ही मौजूद रह सकेंगे। निर्वाचित प्रमुख, उप प्रमुख, प्रधान, उप प्रधान, पंच और सरपंच विजय जुलूस नहीं निकाल सकेंगे। लाउडस्पीकर के लिए अनुमति लेना अनिवार्य होगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं होगी।
दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान केंद्र तक लाने और वापस पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए मतदान केंद्रों पर अलग लाइन लगाई जाएगी। चुनाव प्रक्रिया के दौरान संबंधित पंचायत क्षेत्र में तबादलों पर पूरी तरह रोक रहेगी। पहले से चल रहे विकास कार्य जारी रहेंगे, लेकिन नए टेंडर और नए कार्यादेश जारी नहीं किए जा सकेंगे। चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारी-कर्मचारी आयोग की प्रतिनियुक्ति पर रहेंगे
नवंबर में होगी मतगणना
पंचायत समिति सदस्य और पंच-सरपंच के चुनाव चार चरणों में 8, 13, 19 और 21 अक्टूबर को होंगे। जिला परिषद के चुनाव 23 अक्टूबर को होंगे, जबकि उप सरपंच का चुनाव 26 अक्टूबर को होगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना 20 नवंबर, जिला प्रमुख की 25 नवंबर और उप प्रधान की मतगणना 28 नवंबर को होगी। प्रथम चरण में 10,857 मतदान केंद्र होंगे
जयपुर में सबसे ज्यादा मतदाता
जिला परिषदों में सबसे अधिक मतदाता जयपुर में हैं, जबकि सबसे कम मतदाता जैसलमेर जिला परिषद में हैं। पंचायत समितियों में खंडेला सबसे बड़ी पंचायत समिति है। ग्राम पंचायतों की बात करें तो जैतारण में सबसे अधिक मतदाता हैं, जबकि देवली-बीसलपुर में सबसे कम मतदाता हैं।
पंचायत चुनावों में कुल 3 लाख 17 हजार 688 कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 2 लाख 72 हजार 304 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। प्रत्येक जिले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और एक पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जाएगी।
