


Thar पोस्ट न्यूज। बीकानेर में डाभी अमावस्या पर मां सती मंदिर में भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर फूलों, रोशनी और नोटों की मालाओं से सजा मंदिर, महाछप्पन भोग व महाप्रसादी का हुआ आयोजन।

डाभी अमावस्या पर श्री मां सती माता मंदिर में दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धा एवं उल्लास के साथ किया गया। डाभी अमावस्या की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। 10 सितंबर को मंदिर में महाछप्पन भोग का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां सती के दर्शन किए।
डाभी अमावस्या के मुख्य पर्व 11 सितंबर को अग्रवाल (चौधरी) समाज के गर्ग गोत्र के श्रद्धालु अपने-अपने घरों से मालपुआ, लापसी, चावल, केसर, पेड़ा एवं विभिन्न प्रकार के फल सहित अन्य प्रसाद लेकर पैदल मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मां सती की विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
नोटों की मालाओं से हुआ मां सती का विशेष श्रृंगार
डाभी अमावस्या के अवसर पर मंदिर का सबसे आकर्षक केंद्र मां सती के निज मंदिर का विशेष श्रृंगार रहा। मां सती माता भक्त मंडल की ओर से वास्तविक नोटों से तैयार की गई भव्य मालाओं से निज मंदिर को सजाया गया। नोटों की मालाओं से किया गया यह विशेष श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा।
मंदिर में मां सती का भव्य श्रृंगार कर पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
झांकियों और धार्मिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान बाहर से आए कलाकारों द्वारा विभिन्न धार्मिक झांकियां प्रस्तुत की गईं। झांकियों के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिन्हें देखने के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
डाभी अमावस्या के अवसर पर विशेष रूप से मातृशक्ति की बड़ी संख्या में उपस्थिति देखने को मिली। महिलाओं ने पूजा-अर्चना में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बीकानेर के अलावा बाहर से आए उद्योगपति एवं श्रद्धालु भी मां सती के दर्शन करने मंदिर पहुंचे।
विभिन्न समाजों ने संभाली सेवा व्यवस्था
दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न समाजों के लोगों ने मंदिर में अलग-अलग सेवाओं की जिम्मेदारी संभाली। श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रसाद वितरण, व्यवस्था एवं अन्य कार्यक्रमों को सुचारू रूप से संचालित करने में सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मंदिर परिसर की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में श्री भगवान जी अग्रवाल सहित मां सती माता भक्त मंडल के सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। भक्त मंडल से जुड़े राजेश चौधरी, लाला भाई जी, मनीष बाबू और पप्पू सा सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने दो दिवसीय कार्यक्रम में सेवाएं दीं।
डाभी अमावस्या के अवसर पर हुए धार्मिक आयोजनों के दौरान पूरे मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा। मां सती के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा और श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक मां के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
