






Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव अक्टूबर से पहले होने की संभावना नही है। चुनाव में देरी को लेकर एक बार फिर अवमाना मामला हाईकोर्ट पहुंच चुका है। राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में हो रही देरी को लेकर कल मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होगी। कांग्रेस नेता एवं याचिकाकर्ता संयम लोढ़ा की ओर से दायर अवमानना याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट के 31 जुलाई तक चुनाव कराने संबंधी आदेश का पालन नहीं किया है जो हाईकोर्ट की अवमानना की श्रेणी में आता है। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग ने 10 जुलाई से 23 जुलाई तक प्रदेशभर में घर-घर ऑनलाइन सर्वे शुरू कर दिया है। आयोग इस सर्वे के जरिए स्थानीय निकायों में OBC राजनीतिक आरक्षण के लिए आवश्यक आंकड़े जुटा रहा है। यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित ‘ट्रिपल टेस्ट’ का हिस्सा है।

दूसरी ओर राज्य सरकार का कहना है कि चुनाव संबंधी सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परिसीमन, वार्ड पुनर्गठन और अन्य प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। अब चुनाव कार्यक्रम OBC आयोग की रिपोर्ट और राज्य निर्वाचन आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया पर निर्भर राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि OBC आयोग की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने में करीब 90 दिन का समय लगेगा। ऐसे में जुलाई के अंत तक रिपोर्ट आने की स्थिति में भी चुनाव अक्टूबर से पहले कराना मुश्किल माना जा रहा है।
