






Thar पोस्ट। राजस्थान के अनेक जिलों में प्रसुताओं की मौत का सिलसिला अभी थमा नही है। बांसवाड़ा जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी चिकित्सालय में चार प्रसूताओं की मौत होने से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इसी बीच शनिवार को बड़ा खुलासा हुआ, जिसमें बताया गया कि 7 से 10 जुलाई के बीच एक नाबालिग सहित चार प्रसूताओं की मौत हुई है। मामले की जांच के लिए पांच चिकित्सकों की समिति गठित की गई है। वहीं, जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर मामले की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

महात्मा गांधी चिकित्सालय में प्रसूताओं की मौत के मामले में सामने आया कि बीते चार दिनों में चार प्रसूताओं की मौत हुई है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल थी। उसके परिजनों ने कथित तौर पर किसी ग्रामीण क्षेत्र में गर्भपात कराने का प्रयास किया था। इस दौरान उसकी स्थिति गंभीर हो गई थी। बाद में उसे बांसवाड़ा जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके अतिरिक्त सवनिया निवासी लक्ष्मी पत्नी अरविंद और मध्य प्रदेश के अकलखेड़ा निवासी रेशमा पत्नी प्रेम की मौत का शुरुआती कारण गंभीर एनीमिया होना पाया गया है। वहीं, कानेला गढ़ी निवासी लीला पत्नी विजय की मौत ऑपरेशन के दौरान उच्च रक्तचाप के कारण हुई।
जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने बताया कि पहला मामला सात जुलाई, दूसरा आठ जुलाई और दो मामले 10 जुलाई के हैं। दो मरीजों को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जबकि दो मामलों में सिजेरियन ऑपरेशन किया गया था। उन्होंने कहा कि अब तक दवाइयों के रिएक्शन जैसे कोई लक्षण सामने नहीं आए हैं। गहन जांच के लिए पांच डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। मेडिकल विभाग के उच्च अधिकारियों को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। उदयपुर और जयपुर से विशेषज्ञ टीम भी जांच के लिए आ रही है। पांच डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। दस्तावेजों की जांच के साथ अस्पताल स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या चूक पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
