SAVE 20260624 215647 प्रसूता शारदा मामले में मांगों पर सहमति, कांग्रेस का आंदोलन जारी Rajasthan News Portal राजस्थान
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Thar पोस्ट न्यूज। पीबीएम अस्पताल एवं जिला प्रशासन ने मृतका शारदा के परिवार के लिए मुुख्य मांगों पर सहमति जताई है। जिला प्रशासन ने 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, सरकारी योजनाओं के माध्यम से लगभग 50 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने, मृतका के पति को संविदा पर नौकरी देने तथा उपचार में लापरवाही बरतने वाले दोषी चिकित्साकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों व कांग्रेसजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने पर सहमति व्यक्त की। लेकिन कांग्रेस का आंदोलन जारी है।

जिला कांग्रेस कमेटी देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग एवं शहर अध्यक्ष मदनगोपाल के संयुक्त नेतृत्व में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, जवाबदेही और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार दिलाने के उद्देश्य से शुरू किया गया “पीबीएम सुधारो जनआंदोलन” 14वें दिन भी जारी रहा।

आंदोलन के दौरान पीबीएम अस्पताल में चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से छह प्रसूताओं की किडनी खराब होने का मामला सामने आया। इन सभी प्रसूताओं का आईसीयू में उपचार चल रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने धरने के दौरान ही अस्पताल एवं जिला प्रशासन को चेताने के लिए विरोध-प्रदर्शन किया।

पीड़ित परिवार को राहत दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता परिजनों के साथ लगातार चार दिनों तक पीबीएम मोर्चरी के बाहर डटे रहे। इस दौरान कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भीख का कटोरा लेकर विरोध-प्रदर्शन किया, थालियां बजाईं और पैदल मार्च करते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस द्वारा रोके जाने पर कांग्रेसजनों ने कलेक्टर कार्यालय की सीढ़ियों पर भीख के कटोरे रखकर न्याय की गुहार लगाई।

पीबीएम सुधारो जनआंदोलन” के तहत चल रहे धरने के बीच चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग राजस्थान की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के बीकानेर दौरे पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें अस्पताल की अव्यवस्थाओं, भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से संबंधित ’’10 सूत्रीय मांगों’’ से अवगत कराया। प्रमुख शासन सचिव ने पीबीएम अस्पताल का निरीक्षण किया, जिसमें कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों और कमियों की पुष्टि हुई। निरीक्षण के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी।

हालांकि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया है कि शारदा प्रकरण में सहमति बनने के बावजूद “पीबीएम सुधारो जनआंदोलन” समाप्त नहीं हुआ है। आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक हमारी 10 सूत्रीय मांगों का निस्तारण नहीं हो जाता।

जिला कांग्रेस कमेटी देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि शारदा प्रकरण में बार-बार विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन को झुकना पड़ा है। कांग्रेस पार्टी और आमजन के संघर्ष के परिणामस्वरूप पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, मुआवजा, नौकरी और दोषियों के खिलाफ एफआईआर जैसी महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी है। यह न्याय की दिशा में एक बड़ी सफलता है, लेकिन पीबीएम अस्पताल की अव्यवस्थाओं को समाप्त करने, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने तथा 10 सूत्रिय मांगों पर सुधार तक ‘पीबीएम सुधारो जनआंदोलन’ जारी रहेगा।

जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि पीबीएम अस्पताल में लगातार सामने आ रही लापरवाहियों ने आमजन का भरोसा कमजोर किया है। कांग्रेस पार्टी का उद्देश्य केवल एक मामले में न्याय दिलाना नहीं, बल्कि अस्पताल की पूरी व्यवस्था में सुधार लाना है। प्रमुख शासन सचिव के निरीक्षण में भी हमारी ओर से उठाई गई कमियां सही साबित हुई हैं।

यूथ कांग्रेस अध्यक्ष भंवर कूकणा ने कहा कि शारदा की मृत्यु एक परिवार की नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता का प्रतीक है। चार दिनों तक चले संघर्ष, धरने और जनदबाव के बाद प्रशासन ने हमारी प्रमुख मांगों को स्वीकार किया है। हम इस निर्णय का स्वागत करते हैं, लेकिन पीबीएम में जवाबदेही तय करने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए ‘पीबीएम सुधारो जनआंदोलन’ को और मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।

जिला संगठन महासचिव प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि शिवलाल गोदारा, श्रीकृष्ण गोदारा, ओमप्रकाश लोहिया, डॉ. प्रीति मेघवाल, आनन्दसिंह सोढ़ा, श्रीराम भादू, आनन्दकुमार जोशी, आशादेवी स्वामी, हजारीमल देवड़ा, कपिल गौड़, अमरीकसिंह, मुमताज शेख, दिनेश मीणा, रामनारायण डूडी, नासिर शहजाद पंवार, विजयसिंह शेखावत, अकबर खादी, हाजिर खान, हंसराज बिश्नोई, अकबर अली, मुमताज अली भाटी, रामनिवास तर्ड, शिवदान मेघवाल, शलीना खान, एजाज अहमद पठान, मुरलीधर पन्नू, भंवरलाल मूण्ड, बबलु नायक, मांगीलाल, पन्नाराम नायक, मनोज नायक, अनिल आचार्य, अशोक आचार्य, गोपाल चांवरिया, ओमप्रकाश, धनसुख, भगवान सिंह, खेमाराम मेघवाल, मूलचन्द कडेला, रूघाराम इणखिया, अभिषेकसिंह शेखावत, प्रेमप्रकाश सारण, हरीराम मेघवाल, चरणजीत गोदारा, प्रेम बैरड़, भंवरलाल, पवन बिश्नोई, श्रवणकुमार सियाग, अभिषेेक मेघवाल, सोनू मेघवाल, विनोद गोदारा, राजकुमार हटीला, किशनलाल प्रजापत, पुष्पा, कमल गोयल, राजू पंवार, मनोज वाल्मीकि, रामलाल जांगू, हड़मानाराम गोदारा, मुनीराम जागु, विजयपाल डेलू, गोपाल सियाग, निरंजन औझा, विनोदकुमार पंवार, हिरालाल नायक, मूलचन्द, महेन्द्र, रामलाल नाहर, हनुमानाराम खिलैरी, चौरूलाल परिहार, जितेन्द्र औझा, भूराराम, आकाश लोहिया, मो. आरिफ मोलानी, विनयकुमार आचार्य, हुसैन खिलजी, हाफिज मो. इबाहीम, हैदर अली, मो. असलम, श्रवणराम, इमरान आदि सहित अनेक कांग्रेसजन मौजूद रहें।


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