ताजा खबरे
बीकानेर : सड़क हादसे में तीन की मौतचुनाव से पहले ही पार्टियों में घमासान! टिकट वितरण बना संकटचुनाव : बगावत से बचने के लिए कांग्रेस का फार्मूलानीट-पीजी परीक्षा: धारा 163 लागू, परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर सीमा में लगाई पाबंदियांबिजली बन्द का 3 घण्टे असर रहेगाचुनाव : रविवार को सभी रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी कार्यालयों में सक्रिय रहेगी ‘हेल्प डेस्क’चुनाव : वार्ड 62 में टिकट वितरण को लेकर विरोध प्रदर्शन, बोले टिकट बदला जाएमहाराष्ट्र के वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने किया अपना घर आश्रम का अवलोकनचुनाव : साइकिल रैली में मतदाता जागरूकता का दिया संदेशआज से भादो महीना शुरू, तीज त्योहार, मेले मगरियों व चुनाव की रहेगी धूम
Share This News

Thar पोस्ट। आखिर देश भर में एक ऐसी पार्टी” की चर्चा हो रही है जिसका ना कोई चुनाव चिन्ह है, ना कोई कार्यालय लेकिन सोशल मीडिया पर उसका असर बड़े-बड़े राजनीतिक दलों से ज्यादा दिखाई दे रहा है। नाम है “कॉकरोच जनता पार्टी”। एक बयान सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी और फिर शुरू हुआ सोशल मीडिया पर विरोध का तूफान उठ गया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के कथित “कॉकरोच” वाले बयान के बाद युवाओं के गुस्से ने मीम को आंदोलन में बदल दिया। देखते ही देखते इंस्टाग्राम पर करोड़ों लोग इस पेज से जुड़ गए। लेकिन अब इस पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है, क्योंकि “कॉकरोच जनता पार्टी” का एक्स अकाउंट भारत में बैन हो गया है। क्या भारत में कोई भी व्यक्ति अपनी पार्टी बना सकता है ??चुनाव आयोग से पार्टी को मान्यता दिलाने की प्रक्रिया क्या होती है? चुनाव चिन्ह कैसे मिलता है? और आखिर किन नियमों से गुजरकर कोई संगठन चुनावी दल बनता है? की न्यायपालिका, सोशल मीडिया और युवाओं की नाराजगी इन तीनों के टकराव से निकला एक नाम इन दिनों इंटरनेट पर जबरदस्त चर्चा में है, वो नाम है “कॉकरोच जनता पार्टी”। एक तरफ देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणी पर विवाद हुआ, दूसरी तरफ उसी विवाद से जन्मा एक मीम पेज कुछ ही दिनों में करोड़ों लोगों तक पहुंच गया। लेकिन अब इस कथित “पार्टी” का एक्स अकाउंट भारत में बैन कर दिया गया है, जिसके बाद अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र को लेकर नई बहस छिड़ गई है। मामला तब शुरू हुआ जब सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से कर दी।

बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर भारी विरोध शुरू हो गया। बाद में सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनका इशारा फर्जी डिग्रीधारकों की ओर था, न कि आम युवाओं की तरफ। लेकिन तब तक यह बयान वायरल हो चुका था। हालांकि अब इस अभियान को बड़ा झटका लगा है। “कॉकरोच जनता पार्टी” का एक्स अकाउंट भारत में दिखाई नहीं दे रहा। इसके बाद इसके संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि पहले अकाउंट को हैक करने की कोशिश हुई और फिर उसे बैन कर दिया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।


Share This News