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IMG 20240219 102604 नहर बंदी को लेकर आई खबर, पेयजल किल्लत फिर से ! यह रहेगी अवधि Rajasthan News Portal राजस्थान
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Thar पोस्ट, न्यूज। नहर बंदी को लेकर अभी से जलदाय विभाग जुट गया है। पानी की किल्लत  भांपते हुए जोधपुर बीकानेर सहित अन्य जिलों में  जलदाय विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। 70 दिन का इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत को लेकर यह क्लोजर होता है जो हर साल प्रस्तावित रहता है. वहीं इस साल यह मार्च के अंत में या फिर अप्रैल से पहले वीक के अंदर यह प्रस्तावित है जब पंजाब सरकार इसको लेकर अनुमति देगी. पंजाब की सरकार से राजस्थान के जल संसाधन अधिकारियों की वार्ता चल रही है। इंदिरा गांधी नहर में मरम्मत व साफ सफाई का कार्य किया जाएगा. पीएचडी विभाग ने पानी का स्टोरेज करना शुरू कर लिया है।

इंदिरा गांधी नहर की शुरूआत : इंदिरा गांधी नहर परियोजना की शुरूआत 1958 में हुई थी जो आज राजस्थान की मरूगंगा बन गई है. पश्चिमी राजस्थान के 14 जिलों की करोडों की आबादी इंदिरा गांधी नहर के पानी पर पूरी तरह से निर्भर हो गई है. दुनियाभर में थार मरूस्थल के नाम से मशहूर राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और नागौर सहित कई जिलों में पेयजल एवं कृषि के लिए काम में आता है. नहर के क्लोजर समय के लिए प्रशासन ने स्थानीय लोगों से पानी का स्टोरेज करके, व्यर्थ पानी नही गंवाने  की अपील की है।


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