IMG 20231217 WA0255 जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ का अधिवेशन Rajasthan News Portal बीकानेर अपडेट
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Thar पोस्ट, न्यूज। जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ का द्विवार्षिक अधिवेशन का आयोजन धरणीधर महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित हुआ। बैठक में अध्यक्षता भंवरसिंह बीदावत की रही, अधिवेशन में बीकानेर जिला हात के प्रत्येक क्षेड़ा से भारी संख्या में कार्यकताओं ने भागीदारी निभाई। साथ ही जोधपुर डिस्कॉम से प्रत्येक जिले के कार्यकर्ता तथा संगठन के पदाधिकारी भी उपस्थित हुए।अधिवेशन में नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया जिसमें चुनाव अधिकारी के रूप श्री सतीश राठौड रहे। में डिस्कॉम महामंत्री नवीन कार्यकारिणी में जिलाध्यक्ष नवीन कुमार स्वामी, जिला महामंत्री रामदेव सोखना को मनोनीत किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में जोधपुर डिस्कॉम अध्यक्ष श्री जगदीश दाधीच ने जोधपुर डिस्कॉम में विद्युत्त अधिनियम 2022 के तहत बढ़ रहे निजिकरण एवं ठेका प्रथा की रोकथाम के लिए कर्मचारी एवं अधिकारियों को एकजुट होना पड़ेगा एवं इसके विरोध स्वरूप कठोर कदम उठाने पड़ेंगे उसक तस्त आम जनता को राष्ट्रहित एवं बदती बेरोजगारी के राजकीय उपक्रमों को बंद करने की सरकारी साजिश की संदर्भ में जानकाड़ी देने की आवश्यकता है। पूर्व में भी आवास विकास, PWD, रोडवेज,जलदाय विभाग उसका दंश झेल रहे हैं। अधिवेशन में महासंघ अध्यन धर्मेन्द्रजी साखला,जिला मंत्री बीकानेर दीपक चतुर्वेदी बीकानेर सह-संभाग प्रभारी शिवकुमार व्यास, प्रदेश सचिव शिवदत्त गरि ने अपने-अपने विचार रखे। मुख्य अतिथि के रूप में बीकानेर मुख्य अभियंता श्रीमान भूपेन्द्र भारदाज पधारे साथ ही उन्होंने विद्युत विभाग की वर्तमान विषम परिस्थितियों में सभी को साथ मिलकर काम करने तथा निगम वही मुहद बनाने हेतु प्रयासों पर बल दिया। संघ के राष्ट्रीय सचिव जगदीश दाधीच ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने कर्मचारियों के साथ विश्वासघात करते हुए सभी विभागों को निजी हाथों में सौंप रही है। उन्होंने कहा की रेलवे,बीएसएनएल,रोडवेज,बिजली सहित अनेक विभाग को सरकार निजी हाथों में दिया जा रहा है। जिसके चलते कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात हो रहा है। जो हाल रोडवेज व बीएसएनएल के हुए है। वैसे हाल विद्युत निगम के हो रहे है। ये विभाग सेवाभाव के लिये बनाएं गये थे। किन्तु आज ये विभाग निजीकरण की भेंट चढ़ रहे है। दाधीच ने कहा कि हालात यह है कि सरकारों के पास न तो कार्मिकों को देने को वेतन है और न ही पेंशन। कर्मचारी संघर्ष कर रहे है। उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। मंजर यह है कि कर्मचारी यह भूल चुका है कि कब उनका वेतन बढ़ रहा है,कब उनकी पदौन्नति होगी। प्रदेश महामंत्री हनुमानदास राव ने कहा कि लाभदायक योजनाओं के बावजूद ठेके पर लगे कार्मिक की स्थिति में अपेक्षाकृत सुधार नहीं हुआ है। इसके विपरीत उद्योगों में ठेका श्रमिकों के लिए बने नियमों और कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उनका शोषण किया जा रहा है। राव ने कहा कि इस अधिवेशन के माध्यम से वे सरकारों को चेताना चाहते है कि सरकारें कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात ना करे अन्यथा जरूरत पडऩे पर कर्मचारी अपने हितों के लिए आंदोलन के लिए तैयार है। इस मौके पर शिवकुमार व्यास ने भी विचार रखे।


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