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IMG 20230212 103632 4 कैशलेस इलाज न करने पर अड़े डॉक्टर, वार्ता बेनतीजा Rajasthan News Portal राजस्थान
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Thar पोस्ट। राजस्थान सरकार के राइट टू हेल्थ विधेयक का विरोध कर रहे डॉक्टरों ने सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कैशलेस इलाज न करने का फैसला लिया। शनिवार को सेलेक्ट कमेटी के साथ हुई बातचीत नाकाम रहने के बाद डॉक्टरों ने ये फैसला लिया है। डॉक्टर राज्य सरकार के राइट टू हेल्थ विधेयक को लेकर अनिश्चितकालीन विरोध में हैं। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को पेश बजट में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का कवर 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की थी। इस आंदोलन में प्राइवेट अस्पतालों के साथ सरकारी अस्पताल के डॉक्टर भी खड़े हुए हैं।डॉक्टरों के प्रतिनिधियों और राइट टू हेल्थ पर बनी सेलेक्ट कमेटी के सदस्यों के बीच हुई बातचीत नाकाम रही। समिति के प्रमुख राज्य के स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने प्रतिनिधियों से बिल से उन बिंदुओं को हटाने का आश्वासन दिया जिस पर डॉक्टरों को आपत्ति है। उन्होंने कहा डॉक्टर बताएं उन्हें बिल के किन बिंदुओं पर आपत्ति है। इस पर डॉक्टरों का कहना था कि उन्हें किसी भी तरह के बिल की जरूरत नहीं है।ऑल राजस्थान इन सर्विस डॉक्टर एसोसिएशन के प्रमुख डॉ. अजय चौधरी ने कहा कि प्रस्तावित बिल स्वीकार्य नहीं है। इस बिल में यह प्रावधान है कि प्राइवेट अस्पतालों की जांच और उसे सीज करने का अधिकार राज्य और जिला स्तर की कमेटी के पास होगा। इस मुद्दे पर सेलेक्ट कमेटी की बैठक 15 फरवरी को फिर होगी।


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