





Thar पोस्ट। देश की राजधानी दिल्ली में AC ब्लास्ट से हौज खास इलाके में एक रिटायर्ड IAS अधिकारी की मौत हो गई। गर्मियों में एसी ब्लास्ट की घटनाएं अब आम हो गई हैं। एसी के रख-रखाव और इस्तेमाल में की जाने वाली गलती से इसमें धमाका हो जाता है, जिससे जान-माल की भी क्षति होती है। अगर, आपके घर में भी एसी लगा है तो इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है। AC ब्लास्ट की मुख्य वजह इसके रख-रखाव और कंपोनेंट में खराबी है। खास तौर पर एसी का कंप्रेसर अगर ओवरहीट हो जाता है और गैस लीक होती है तो इसमें आग लगने की संभावना रहती है। एयर कंडीशनर में इस्तेमाल किया जाने वाला रेफ्रिजेंट यानी गैस बेहद ज्वलनशील होती है। जैसे ही कंप्रेसर गर्म होता है यह लीक हो रहे गैस में आग पकड़ सकता है।


इन बातों का रखे ध्यान
एसी में स्टेब्लाइजर जरूर लगाएं ताकि वोल्टेज की उतार-चढ़ाव को रोका जा सके। ऐसा करने से सर्किट डैमेज नहीं होगा और आग लगने की संभावना कम हो जाएगी।एसी में आग लगने से बचाने के लिए आपको समय-समय पर इसकी सर्विसिंग करानी जरूरी है। सर्विसिंग हमेशा ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर से ही करवाएं।
एसी में कूलिंग कम होने पर तुरंत चेक करवाएं की कहीं गैस लीक तो नहीं हो रही है। गैस लीक होने पर इसमें आग लगने का खतरा ज्यादा रहता है।
एसी को लोएस्ट टेम्परेचर पर ज्यादा देर तक नहीं चलाना चाहिए। इससे कंप्रेसर पर दवाब पड़ता है और ओवरहीट होने से आग लग सकता है एसी के वायर की भी जांच करते रहना चाहिए। पुराने वायर में शॉर्ट-सर्किट हो सकता है, जो आग लगने का कारण बन सकता है।
एसी को लगातार 15 से 20 घंटे तक चलाने से भी इसमें आग लगने की संभावना रहती है। एसी को कुछ घंटे चलाने के बाद इसे 30 से 40 मिनट तक बंद कर देना चाहिए।
एसी को हमेशा ऑटो मोड में चलाएं और तापमान 24 से 28 डिग्री के बीच रखें। ऐसा करने से एसी के कंप्रेसर पर दवाब भी नहीं पड़ेगा और बिजली के बिल में भी बचत होगी।
एसी की सर्विसंग में डीप क्लीनिंग जरूर करवाएं ताकि कूलिंग क्वाइल की गंदगी साफ हो जाए। गंदगी होने की वजह से भी एसी सही से कूलिंग नहीं कर पाती है और कंप्रेसर पर ज्यादा जोर पड़ता है।