






Thar पोस्ट न्यूज। इन दिनों घरों के आगे ‘गाड़ी वाला आया’ का शोर सुनाई नही दे रहा। बीकानेर नगर निगम क्षेत्र में कचरा उठाने वाली पुरानी फर्म का कार्यकाल 15 सितंबर को समाप्त हो चुका है। नई फर्म 2 अक्टूबर से काम संभालेगी। 15 सितंबर से घरों से टिपर कूड़ा कलेक्ट नहीं कर रहे हैं। यह स्थिति एक सप्ताह और रहने वाली है। नई फर्म के आने तक शहर के 120 वर्ग किलोमीटर के दायरे में हर दिन टनों कचरा सड़कों और गलियों में बिखर रहा है, जिससे आमजन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब नए मेयर और निगम प्रशासन के सामने यह चुनौती है कि शहर को कचरे के ढेर में तब्दील होने से कैसे रोके।












घरेलू कचरा उठाने की समस्या की नए पार्षदों को सबसे ज्यादा शिकायतें मिल रही हैं। नगर निगम क्षेत्र में वर्ष 2019 से घर-घर कचरा संग्रहण का कार्य कर रही पुरानी फर्म का अनुबंध 15 सितंबर को समाप्त हो गया। नियम और टेंडर प्रक्रिया के तहत नई फर्म को अपना कार्य 2 अक्टूबर से संभालना है। इस बीच 15 सितंबर से 2 अक्टूबर यानी करीब 17 दिनों तक घरों से सीधे कचरा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह बाधित है। शहर के 120 वर्ग किलोमीटर में फैले इस विस्तृत भू-भाग में प्रतिदिन करीब 350 से 400 टन कचरा एकत्र होता है। टिपर और ट्रैक्टरों के एक साथ बंद होने के कारण अब यह सारा कचरा जनता के घरों में, घरों के बाहर, गलियों और सड़कों पर पसर रहा है।
इस अंतराल में करीब 60 टन कचरा अतिरिक्त रूप से सड़कों पर फैलेगा, जिससे शहर कचराघर में तब्दील नजर आने लगा है। निगम प्रशासन और नई फर्म की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के दावे किए जा रहे हैं लेकिन धरातल पर स्थिति गंभीर बनी हुई है। चूंकि नए टेंडर में ट्रैक्टर और टिपर दोनों का प्रावधान एक साथ (कंबाइंड) है इसलिए पुरानी फर्म के जाते ही ट्रैक्टर भी गायब हो गए।
