





Thar पोस्ट। राजस्थान पुलिस भी अब AI का इस्तेमाल अपराधियों पर नकेल कसने के लिए करेगी। पुलिस मुख्यालय के अनुसार अपराध पर नियंत्रण के लिए क्राइम डेटा एनालिस्ट, नई न्याय संहिताओं की मॉनिटरिंग, रोड सेफ्टी, ड्रग कंट्रोल और एआई इन पुलिसिंग के लिए एक-एक विशेषज्ञ नियुक्त किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को 45 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा और उनकी नियुक्ति एक वर्ष के लिए पुलिस मुख्यालय, जयपुर में अनुबंध के आधार पर होगी। राज्यभर में अपराध और महिला-बाल अपराध के आंकड़ों का विश्लेषण कर अपराध के ट्रेंड और हॉटस्पॉट की पहचान करना। भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के क्रियान्वयन की निगरानी करना। सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों का अध्ययन कर दुर्घटना रोकने के लिए सुझाव देना। मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क और उसके पैटर्न का विश्लेषण कर पुलिस कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना। पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा आधारित तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना, ताकि जांच और अपराध नियंत्रण को अधिक स्मार्ट बनाया जा सके।

