





Thar पोस्ट न्यूज। बीकानेर जिले में दो ठग को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर धर दबोचा। जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस ने एक ऐसे ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नोटों की गड्डियों के नाम पर लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाने की तैयारी में था। पुलिस के अनुसार राजमार्ग 11 स्थित सर्किल पर गश्त के दौरान पुलिस ने एक कार को रोककर जांच की तो उसमें रखे नोटों के बंडलों ने सभी को हैरान कर दिया। 65 लाख रुपये की ये गड्डियां देखने में पूरी तरह असली लग रही थीं और असली प्रतीत हो रही थीं लेकिन जब पुलिस ने बंडलों को खोलकर देखा तो पूरा खेल सामने आ गया।

थानाधिकारी कश्यप सिंह के अनुसार एएसआई सुरेशकुमार गुर्जर की टीम ने संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली थी। कार में सवार जैतासर निवासी ओमप्रकाश और धोलिया निवासी महेंद्र उर्फ सीताराम के कब्जे से 500-500 रुपये के नोटों के 13 बंडल बरामद किए गए। पुलिस जब कार को थाने लेकर पहुंची और बंडलों की बारीकी से जांच की तो पता चला कि प्रत्येक गड्डी में ऊपर और नीचे केवल एक-एक असली नोट लगाया गया था, जबकि बीच में नोटों के आकार के सफेद कागज रखे गए थे। इन कागजों के किनारों पर नोटों जैसा रंग होने के कारण पूरी गड्डी असली नजर आ रही थी।
जिन 13 बंडलों की कीमत 65 लाख रुपये दिखाई जा रही थी, उनमें वास्तव में सिर्फ 13 हजार रुपये के असली नोट थे। बाकी पूरा माल सफेद कागज था। बंडलों को इस तरह पैक किया गया था कि पहली नजर में कोई भी व्यक्ति इन्हें बैंक से सील पैक होकर आए असली नोटों का बंडल समझ ले
पुलिस को आशंका है कि इन नकली गड्डियों का इस्तेमाल किसी बड़ी धोखाधड़ी या हवाला कारोबार में किया जाना था। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह खेप कहां से लाई गई थी तथा इसे आगे किसे सौंपा जाना था।
जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में भी जुट गई हैं। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो यह नकली खेप किसी बड़े सौदे या ठगी की वारदात में इस्तेमाल हो सकती थी। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में इस मामले से जुड़े और भी चौंकाने वाले खुलासे सामने आ