





Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान सरकार में विभिन्न बोर्ड, आयोग, प्राधिकरण और अकादमियों में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति की संभावनाओं को देखते हुए दावेदारों ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। अंदरखाने से आ रही जानकारी के मुताबिक भाजपा सरकार द्वारा अब तक किए गए राजनीतिक और संवैधानिक नियुक्तियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इससे पहले राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में अरुण चतुर्वेदी की नियुक्ति अगस्त 2025 में हुई थी। इसके बाद लंबे समय तक कोई बड़ी नियुक्ति नहीं हुई थी। ऐसे में नई नियुक्तियों को राजनीतिक नियुक्तियों के अगले दौर की शुरुआत माना जा रहा है। जानकारों के मुताबिक राजस्थान में आमतौर पर सरकारें अपने कार्यकाल के मध्य चरण में बोर्डों, आयोगों और वैधानिक संस्थाओं में नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज करती हैं। भाजपा सरकार भी अब अपने कार्यकाल के मध्य बिंदु को पार कर चुकी है, इसलिए कई महत्वपूर्ण पदों पर जल्द नियुक्तियां होने की संभावना जताई जा रही है।वर्तमान में लोकायुक्त समेत कई महत्वपूर्ण संस्थाओं और आयोगों के शीर्ष पद खाली पड़े हैं।

पूर्व में कुछ आयोगों में नियुक्तियों में देरी को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था। भाजपा सरकार राजस्थान हेरिटेज संरक्षण प्राधिकरण, किसान आयोग, राज्य पशु कल्याण बोर्ड, सैनिक कल्याण सलाहकार समिति, अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग, देवनारायण बोर्ड, श्रीयादे माटी कला बोर्ड, विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड, राज्य वित्त आयोग, आरपीएससी और आरबीएसई सहित 11 प्रमुख संस्थाओं में नियुक्तियां कर चुकी है। पिछली कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में 100 से अधिक राजनीतिक नियुक्तियां की थीं। इनमें चार नेताओं को कैबिनेट मंत्री और 31 से अधिक को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था।