





Thar पोस्ट न्यूज । बीकानेर में देश की आजादी से पहले डाली गई रेलवे क्रासिंग समस्या अब विकराल हो चुकी है। राज्य सरकार कोटेगेट पर आरयूबी का निर्माण करवाने के लिए कार्रवाई शुरू कर चुकी है। इस बीच बीकानेर व्यापार एसोसिएशन एवं जन संघर्ष समिति का कहना है कि कोटगेट एवं सांखला फाटक रेलवे क्रॉसिंग की समस्या के हल के नाम पर प्रशासन द्वारा प्रस्तावित अव्यावहारिक, घातक एवं जानलेवा योजना है। इस बाबत आज एक प्रेस वार्ता हुई जिसमें पूर्व विधायक अधिवक्ता आर के दास गुप्ता ने कहा :-


कोटगेट रेलवे क्रॉसिंग पर 16 मीटर चौड़ी सड़क पर मात्र 4 मीटर चौड़ा एवं 2.5 मीटर उंचा अंडर ब्रिज बनाया जाएगा। बाकी 12 मीटर सड़क मौजूदा स्थिति में ही रहेगी। रेलवे क्रॉसिंग हटाया नहीं जाएगा। छोटे आकार में कायम रहेगा। बारिश में कोटगेट का सारा पानी सीधा अंडर ब्रिज में जाएगा। प्रशासन का दावा है कि पंप एवं रेनवाटर हार्वेस्टिंग से 5 घंटे में पानी निकाल लेंगे, जो कि एक धोखा है। अंडर ब्रिज के दोनों ओर चौराहे बनने से भयंकर ट्रैफिक जाम एवं दुर्घटना की आशंका रहेगी। इसके अलावा वापसी (रिटर्न) मार्ग स्पष्ट नहीं। पैदल यात्रियों (जिनकी संख्या 50% से अधिक है) के लिए कोई सुरक्षित व्यवस्था नहीं है। अग्निशमन, बड़ी ऐम्बुलेन्स, एवं पुलिस की बड़ी गाड़ी के लिए कोई रास्ता नहीं रहेगा।
वार्ता में गुप्ता ने बताया नई योजना के तहत सांखला फाटक रेलवे क्रॉसिंग सांखला फाटक को स्थायी रूप से दीवार डालकर बंद कर दिया जाएगा। इससे बीकानेर के मुख्य बाजार, स्टेशन रोड एवं के.ई. रोड को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क कट जाएगी। दोनों बाजारों की कनेक्टिविटी छिन जाएगी। सांखला फाटक से लगभग 300 मीटर दूर कोयला गली एवं मटका गली के बीच 5 मीटर + 5 मीटर (एक आने-एक जाने) का अंडरपास प्रस्तावित है। जबकि वर्तमान सांखला फाटक पर सड़क की चौड़ाई 14 मीटर है। प्रस्तावित अंडरपास पूरे ट्रैफिक को संभालने में पूरी तरह अक्षम होगा क्योंकि कायला गली की चौड़ाई बहुत कम है और वर्तमान में एकतरफा यातायात की व्यवस्था है। वर्तमान स्थिति कोटगेट फाटक दिन में 60 बार बंद होता है (40 बार इंजन शन्टिंग + 20 बार रेल आवाजाही)। ये सभी उपाय केवल रेलवे की सुविधा के लिए हैं, जिससे रेलवे को सालाना लगभग ₹2 करोड़ की बचत होगी, लेकिन बीकानेर की जनता को भारी ट्रैफिक जाम, प्रदूषण, पेट्रोल-डीजल की बर्बादी और जान-माल का खतरा होगा। ये तथ्य आम जनता के संज्ञान में नहीं हैं। जनहित याचिका पर जोधपुर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।
हमारी मांगें एवं अपीलः
बीकानेर व्यापार एसोसिएशन एवं जन संघर्ष समिति सरकार से मांग करती है कि प्रस्तावित कोटगेट अंडर ब्रिज एवं सांखला फाटक अंडरपास की परियोजना तुरंत रोकी जाए। 2003 में रेलवे की पिक बुक में शामिल बाईपास रेल लाइन परियोजना को पुनः शुरू किया जाए।
बाईपास रेल लाइन (उदयरामसर बाहरी बीकानेर- लालगढ़) ही इस समस्या का स्थायी. व्यावहारिक एवं सर्वमान्य समाधान है। इस परियोजना का सर्वे, नक्शा, भूमि अधिग्रहण एवं अवार्ड पूर्ण हो चुका था। 2005 में सरकार बदलने के बाद इसे राजनीतिक कारणों से रोक दिया गया।
सांसद श्री अर्जुन राम मेघवाल जी से हमारी विशेष अपील है कि वे इस परियोजना को पुनः शुरू करवाएं। वर्ष 2008 में वे स्वयं पूर्व सांसद श्री आर. के. दासगुप्ता जी के साथ तत्कालीन रेल मंत्री श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी से इस मुद्दे पर मिल चुके हैं। बाईपास रेल लाइन से: बीकानेर रेलवे स्टेशन यथावत रहेगा। लालगढ़-बीकानेर के बीच रेल आवागमन बंद हो जाएगा। लालगढ़ से सूरतगढ़ जाने वाले यात्री लालगढ़ स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकेंगे किसी को कोई असुविधा नहीं होगी।
राजस्थान सरकार द्वारा स्वीकृत बीकानेर के मास्टर प्लान 1972-2023 में टाउन प्लैनिंग के विशेषज्ञों द्वारा इस समस्या का हल बाईपास रेल लाइन को दर्शाया है।
रेल्वे ने बीकानेर इस्ट से लालगढ़ तक रेल्वे लाइन का दोहरीकरण पिछले महीने 278 करोड़ की लागत का स्वीकृत कर दिया है जो कि भठिंडा तक जाएगा जिसके कारण बीकानेर में घनी आबादी में सैंकड़ों घर एवं दुकानें अवाप्त किए जाऐंगे जो कि व्यवहारिक नहीं है। इस से कम लागत में बाईपास रेल लाइन डालने से रेल्वे का उद्देश पूरा हो सकता है। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष नरपत सेठिया, सचिव उमेश मेहंदीरत्ता, श्याम तंवर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।