





Thar पोस्ट न्यूज, बीकानेर। भारतीय संस्कृति, संस्कार और समग्र विकास को केंद्र में रखकर आयोजित किए जा रहे “समग्र विकास ग्रीष्मकालीन शिविर” के पोस्टर का विमोचन गुरुवार को श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। पोस्टर विमोचनश्री लालेश्वर महादेव मंदिर एवं मानव प्रबोधन प्रन्यास, शिवमठ, शिव बाड़ी, बीकानेर के महंत स्वामी विमर्शानंदगिरि जी महाराज द्वारा किया गया।
यह शिविर पुनरूत्थान विद्यापीठ, अहमदाबाद की प्रेरणा से अर्थ निरपेक्ष शिक्षा के अंतर्गत पूर्णतः निःशुल्क आयोजित किया जा रहा है।।शिविर 20 मई से 27 मई 2026 तक रमेश इंग्लिश स्कूल (आर.ई.एस.) अंत्योदय नगर, डूडी पेट्रोल पंप के पास, बीकानेर में आयोजित होगा।



आयोजन का उद्देश्य भारतीय जीवन मूल्यों, संस्कारों और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ व्यक्तित्व विकास करना है।
पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में शिविर संयोजक रुचिका व्यास ने शिविर की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन आबाल-वृद्ध संपूर्ण परिवार के लिए है। इसमें ०७ वर्ष से १० वर्ष के बच्चों, युवाओं, अभिभावकों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग गतिविधियां एवं प्रशिक्षण सत्र रखे गए हैं।
कार्यक्रम में आनंद स्वामी, जानकी वल्लभ पुरोहित, मधुसूदन व्यास, रूमा भदौरिया तथा पुनरुत्थान विद्यापीठ बीकानेर केंद्र संचालिका ममता शर्मा पारीक सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने इस प्रकार के मूल्य आधारित शिक्षण शिविरों को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया।
शिविर के दौरान योग, ध्यान, गीता श्लोक, खेल गतिविधियां, आयुर्वेद, विज्ञान, भारत बोध, बाल मनोविज्ञान तथा अभिभावक विकास जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। योग सत्रों में वैदिक मंत्रों और ध्यान के माध्यम से मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास पर जोर दिया जाएगा, जबकि खेल गतिविधियों के जरिए बच्चों और युवाओं में नेतृत्व क्षमता तथा टीम भावना विकसित की जाएगी।
इसके अलावा आयुर्वेद आधारित जीवनशैली, भारतीय संस्कृति, इतिहास, अध्यात्म और महापुरुषों के जीवन से जुड़े विषयों पर भी संवाद होंगे। बच्चों की वर्तमान समस्याओं, संस्कार निर्माण और परिवार की भूमिका पर विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी। आयोजकों के अनुसार शिविर का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को व्यवहारिक जीवन से जोड़ना है।
शिविर के लिए पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक परिवार पोस्टर में दिए गए क्यूआर कोड के माध्यम से अपना पंजीकरण कर सकते हैं। आयोजकों ने अधिक से अधिक परिवारों से इस निशुल्क शिविर में भाग लेकर भारतीय संस्कृति और समग्र विकास की इस पहल से जुड़ने की अपील की है।