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SAVE 20260314 223759 जगद्गुरु आचार्य वसंत विजयानंद गिरीजी महाराज की निश्रा में दिव्य महामांगलिक 15 को Rajasthan News Portal धर्म
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Thar पोस्ट न्यूज बीकानेर। कृष्णगिरी शक्ति पीठाधीपति पूज्यपाद जगद्गुरु आचार्य 1008 वसंत विजयानंद गिरीजी महाराज की पावनकारी निश्रा में 15 मार्च, रविवार को सर्व मंगलकारी परम चमत्कारी सर्वबीज मंत्रयुक्त दिव्य महामांगलिक का आयोजन होगा।
श्री कृष्णगिरि, तमिलनाडू के श्री पार्श्वनाथ पद्मावती सेवा ट्रस्ट के ट्रस्टी गुरुभक्त डॉ संकेश जैन ने बताया कि गाेगागेट सर्किल से स्टेशन राेड पर स्थित माइकाे कंपनी के पास, एसबीआई बैंक के सामने श्री पार्श्वचंद्र सूरी गच्छ जैन दादाबाड़ी (बगीची) आदिनाथ भवन में रात्रि 8 बजे से यह अतिदिव्य एवं चमत्कारी महामांगलिक आयोजित होगी।

आशीर्वाद के लिए सेवा भक्ति जरुरी : जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरी जी महाराज

शनिवार काे विशेष महायज्ञ में काशी के विद्वान विप्र पंडिताें ने आहूतियां दीं। परमहंस परिव्राजकाचार्य अनन्त श्री विभूषित कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु 1008 परम पूज्यपाद श्री वसन्त विजयानन्द गिरी जी महाराज ने शनिवार काे कहा कि दुनिया में हर चीज पार्सल से कुरियर के माध्यम से कहीं से भेजेंगे ताे कहीं भी पहुंच जाएगी, मगर आशीर्वाद कभी पार्सल से प्राप्त नहीं किया जा सकता, इसके लिए सेवा भक्ति आवश्यक है।
पूज्यपाद जगद्गुरु यहां गंगाशहर राेड पर अग्रवाल भवन में आए हुए भक्ताें काे सम्बाेधित कर रहे थे। जगद्गुरु के पावन सानिध्य में शनिवार काे विशेष महायज्ञ में काशी के विद्वान विप्र पंडिताें ने आहूतियां दीं।

अपने प्रेरणादाई संदेश में शक्ति पीठाधीश्वर ने कहा कि व्यक्ति को कोई काम न क्षमता से अधिक और ना ही क्षमता से कम करना चाहिए। आशावादी बनकर धर्म का सहारा रखने की प्रेरणा देते हुए वसंत विजयानंद गिरी जी ने कहा कि धर्म का पुण्य बढ़ाना वर्तमान समय में बहुत जरूरी है, साधना करनी है तो धर्म की करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा का फल मिलता है वह चाहे माता-पिता अथवा गुरु भगवंतों की हो।

उन्हाेंने कहा कि साधक शुद्ध औऱ निःस्वार्थ है तो संसार का कोई देवता उनसे ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि पात्र अच्छा हो तो पदार्थ भी अच्छा ही रहेगा। आत्मा को सर्वशक्तिमान बताते हुए मनुष्य को प्राणी मात्र के कल्याण के लिए कार्य करने और सदैव प्रसन्न रहने की सीख भी उन्होंने दी।


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